देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा कल

जावेद अख्तर की रिपोर्ट

हनवारा: भगवान विश्वकर्मा की जयंती हर साल बड़े धूमधाम के साथ हनवारा क्षेत्र में मनाई जाती है। हर साल 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा मनाई जाती है। जानकारों का कहना है कि कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा जयंती होती है। पौराणिक काल के सबसे बड़े सिविल इंजीनियर माने जाते है विश्वकर्मा। इसलिए इस दिन जब भी इनकी पूजा होती है तो घर में रखे तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामान,औजार की पूजा की जाती है। कहा जाता है जितने भी इलेक्ट्रॉनिक सामान हैं, उन सब में विश्वकर्मा विद्यमान हैं। इनकी पूजा करने से इलेक्ट्रॉनिक सामान और औजार पूरे साल अच्छा चलता है।

भगवान विश्‍वकर्मा को दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर और वास्‍तुकार माना जाता है। कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही हर युग में शहरों की रचना की। भगवान विश्‍वकर्मा ने ही इंद्रपुरी, द्वारिका, हस्तिनापुर, स्‍वर्गलोक, लंका और जगन्‍नाथपुरी का निर्माण करवाया था।

हनवारा के कई पंडितों का कहना है कि पौराणिक मान्यता के अनुसार विश्वकर्मा भगवान ने ही भगवान शिव का त्रिशूल और विष्‍णु भगवान का सुदर्शन चक्र तैयार किया था।
इसीलिए सभी इंजीनियर और तकनीकी क्षेत्र से जुडे़ लोग विश्वकर्मा को भगवान मानते हैं और इनकी पूजा करते हैं।कलियुग का संबंध कलपुर्जों से माना जाता है और आज के युग में कलपुर्जे का प्रयोग हर शख्‍स कर रहा है। इसलिए भगवान विश्‍वकर्मा की पूजा करना हम सबके लिए बेहद लाभदायी माना जाता है।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त:

17 सितंबर, शुक्रवार को सुबह 6:07 बजे से 18 सितंबर को 3:36 बजे तक पूजन कर सकते हैं। केवल राहुकाल के समय पूजा निषिद्ध मानी गई है।

17 सितंबर को राहुकाल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। बाकी समय पूजा का योग रहेगा।

विश्वकर्मा पूजा में इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए:

ओम आधार शक्तपे नम:, ओम कूमयि नम:, ओम अनन्तम नम:, पृथिव्यै नम:।
करते हैं।

कुछ बातों का लोगों को खास ख्याल रखना चाहिए:

1. विश्वकर्मा पूजा करने वाले सभी लोगों को इस दिन अपने कारखाने, फैक्ट्री बंद रखनी चाहिए।
2. विश्वकर्मा पूजा के दिन अपनी मशीनों, उपकरणों और औजारों की पूजा करने से घर में बरकत होती है।
3. विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों और मशानों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
4. विश्वकर्मा पूजा के दिन तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) का सेवन नहीं करना चाहिए।
5. अपने रोजगार में वृद्धि के लिए गरीबों और असहाय लोगों को दान-दक्षिणा जरूर दें।
6. अपने बिजली उपकरणों और गाड़ी की सफाई भी करें।