मेदिनीनगर: ये कैसा शहर है जहां पार्किंग तक नहीं, प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझ रहे लोग

पलामु से उपेन्द्र कुमार की रिपोर्ट

मेदिनीनगर: लॉकडाउन खत्म होने के बाद धीरे-धीरे अब बाजार ने जोर पकड़ लिया है। बड़ी संख्या में लोग बाजार में खरीददारी करने पहुंच रहे हैं। लोग अपने दोपहिया और चार पहिया वाहन को लेकर बाजार में पहुंच रहे है।करोड़ों रुपए के मॉल और दुकानों में पार्किंग के इंतजाम नहीं होने के कारण लोग सड़क पर वाहन खड़े कर रहे हैं।सड़कों पर वाहन पार्किंग की समस्या दूर नहीं हो रही है। शहर में करोड़ों रुपए के मॉल और दुकानें हैं, लेकिन किसी के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। इसको लेकर कभी नगर निगम ने गम्भीरता नहीं दिखाई। कुछ मॉल में पार्किंग है तो उसका उपयोग कुछ लोग लम्बे समय से स्थाई तौर पर कर रहे हैं। कुछ माल और दुकानों में पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन उस पर मॉल या फिर दुकान वालों का ही स्थाई कब्जा है। वहीं दूसरी तरफ ऐसे मॉल और दुकानों की संख्या सबसे अधिक है, जिन्होंने निर्माण के दौरान पार्किंग के लिए जगह ही नहीं छोड़ी।नगर निगम ने भी कार्रवाई करने पर ध्यान नहीं दिया है। पार्किंग के लिए कोई स्थाई साधन नहीं होने के कारण लोग सड़क पर ही वाहन खड़ा कर घण्टों खरीदी करते हैं, जिसकी वजह से अन्य वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इन रास्तों पर बिगड़ रहे हालात

शहर के छह मुहान से बाजार की और जाने वाली सड़क पर हमेशा जाम की समस्या बनी रहती है।वही थाना रोड में थाना से लेकर पंच मुहान तक इतनी जाम रहती है कि लोगो को पैदल चलने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।इसी तरह यदि हम सब्जी बाजार की बात करे तो यहाँ पर सब्जी बेचने वाले लोग इस तरह सड़क का अतिक्रमण कर रखे है कि यदि दिन में आगजनी की समस्या हो जाये तो यहाँ अग्नि समन वाहन को पहुंचने में घण्टो लग सकता है,और जाम के कारण काफी क्षति हो सकती है। इन हिस्सों में लाखों और करोड़ों रुपए की दुकानें और मॉल बने हुए हैं, लेकिन पार्किंग के इंतजाम किसी के पास नहीं है।

लगातार बढ़ रही वाहनों की संख्या भी बन रहा जाम का कारण

शहर में बढ़़ती आबादी के साथ ही वाहनों की संख्या भी लगातार बढ रही है। शहर में जितने वाहनों का आवागमन होता है, उसके अनुसार पार्किंग स्थल नहीं है। ऐसे में वाहन चालक अपने वाहनों को सड़क किनारे ही बेतरतीब खड़े कर देते हैं, जिससे दूसरे वाहनों को आवागमन में परेशानी होती है। हालात यह है कि शहर के प्रमुख मांगों पर दिन में हर 10 मिनट में जाम की स्थिति बनती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि शहर में आने वाले वाहनों को वन वे कर निकाला जा रहा है, लेकिन यह समस्या का स्थाई समाधान नहीं है, इसीलिए वन-वे यातायात की व्यवस्था के बाद भी यातायात जाम असुविधा का कारण बना हुआ है। शहर में गत 5 सालों में वाहनों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। पहले केवल धनाढ्य वर्ग के पास ही कार होती थी, लेकिन आज आम व्यक्ति के पास भी कार है। ऐसे में वाहनों की पार्किंग उनका आवागमन की समस्या बना हुआ है।