योग एक उपहार मानव के लिए

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। योग दिवस पहली बार 21 जून 2015 को मनाया गया। हमारे देश मे योग का एक प्राचीन इतिहास रहा है। प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों ने योग, तप और ध्यान को अपनाकर विश्व को दिशा प्रदान की है। योग का हमारे जीवन के दिनचर्या में एक बहुत ही बड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। योग केवल हमारे शरीर को ही नहीं बल्कि हमारे दिल और दिमाग को भी स्वस्थ रखने में हमारी मदद करता है। योग के प्रति हमारे जीवन को समर्पित करना ही एक सुखद अनुभूति होती है। मेरे ख्याल से आज की जो जीवन शैली पूरे विश्व में पहले की जीवन शैली की अपेक्षा काफी अलग हो चुकी है।

लेखिका : अर्चना राणा

आज हमारा जीवन भौतिक सुख सुविधाओं से परिपूर्ण है। जहां मशीनों का 24 घंटे हम किसी ना किसी रूप में उपयोग करते रहते हैं। अाज के वर्तमान समय में सभी लोग किसी ना किसी तरह के मानसिक विद्वेष या विकृति से परेशान रहते हैं चाहे वह कोरोना (कोविड-19) हो या कोई अन्य कारण आज लोग अधिकांश संख्या में डिप्रेशन के शिकार होते चले जा रहे हैं ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बहुत ही आवश्यकता है। इसके लिए योग ध्यान एवं व्यायाम सबसे सटीक माध्यम है। इसलिए मानसिक तनाव को भूलकर हमें दैनिक दिनचर्या में व्यस्त एवं मस्त रहना चाहिए। हम खुश रहेंगे तो समाज खुश रहेगा और समाज खुश रहेगा तभी एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो सकता है।

लेखिका : अर्चना राणा