13 दिवसीय प्रशिक्षण का किया गया समापन

पाकुड़: एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) पाकुड़ द्वारा आयोजित तेजेस्विनी परियोजना के पाकुड़िया प्रखंड के महिलाओं का 13 दिवसीय कॉस्ट्यूम ज्वेलरी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया।समापन समारोह में जिला अग्रणी प्रबंधक मनोज कुमार, आरसेटी निदेशक फूलजेन्स तिग्गा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तेजेस्विनी परियोजना मो0 खालिद एवं वरिष्ठ संकाय आरसेटी अमित कुमार बर्द्धन ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षुओ को प्रमाणपत्र दिए।प्रशिक्षण में 33 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिए।समापन समारोह में जिला अग्रणी प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि महिलाओं को स्वालंबी बनाने के लिए सरकार की ओर से कई प्रकार के कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकती हैं।बैंक हमेशा आपके साथ है और आवश्कतानुसार ऋण भी उपलब्ध कराएगी।
निदेशक आरसेटी फूलजेन्स तिग्गा ने कहा कि आरसेटी के द्वारा महिला सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं एवं अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकती हैं।
तेजेस्विनी परियोजना के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो खालिद ने कहा कि तेजेस्विनी परियोजना के लाभुको को आरसेटी द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।वरिष्ठ संकाय आरसेटी पाकुड़ अमित कुमार बर्द्धन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कॉस्ट्यूम ज्वेलरी एक बेहतरीन आय का स्रोत हैं।इस व्यव्साय में हुनर का प्रयोग कर अधिकाधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता हैं।किसी भी उत्पाद के लिए मार्केटिंग सबसे महत्वपूर्ण भाग हैं।कॉस्ट्यूम ज्वेलरी में मार्केटिंग की बहुत अच्छी स्थिति है।कॉस्ट्यूम ज्वैलरी के तहत महिलाओं द्वारा निर्मित स्टोन चूड़ी, लाह की चूड़ी, नैकलेस, कान की बाली, कंगन, ब्रिसलेट आदि की बहुत मांग है।आरसेटी हर संभव महिलाओं के विकास के लिए प्रयासरत हैं।प्रशिक्षण कार्यक्रम का मूल्यांकन ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार नेशनल अकेडमी ऑफ रुडसेटी द्वारा प्रतिनियुक्त अधिकारी अरुण नाथ तिवारी व वनपलशी सरकार ने किए।
आज के कार्यक्रम में आरसेटी के संकाय सह कार्यक्रम समन्वयक वापी दास, कार्यालय सहायक शिबू कुनाइ, तेजेस्विनी परियोजना के प्रखंड समन्वक आकाश भगत, प्रशिक्षिका सीता साहा, संकुल समन्वयक मामपी दास व अन्य लोग मौजूद थे।