केंद्र एवं राज्य सरकार दोनों किसान विरोधी : महेंद्र पाठक 

चतरा : आज चतरा जिले के टंडवा प्रखंड कार्यालय में अखिल भारतीय किसान सभा एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से संयुक्त रूप से आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया गया।
टंडवा बाजार से प्रखंड कार्यालय तक विस्थापितों, किसानों ,छात्र नौजवानों की विशाल जुलूस केंद्र एवं राज्य सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुंचा । जुलूस सभा में तब्दील हो गई, सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सह किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष बनवारी साहू ने की , सभा में मुख्य अतिथि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के झारखंड राज्य के सहायक सचिव सह अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव देवनंदन साहु मौजूद थे । सभा को संबोधित करते हुए महेंद्र पाठक ने कहा केंद्र की मोदी सरकार किसान विरोधी तीनों काला कानून लाकर अपने किसान विरोधी चेहरा को उजागर किया है। दिल्ली के बॉर्डर पर 9 महीने से किसान आंदोलन पर हैं, उसी तरह से टंडवा में भी अपने हक अधिकार और जमीन की मुआवजा के लिए विस्थापित संघर्ष समिति 8 महीने से धरना पर है , केंद्र एवं राज्य की सरकार आंदोलन को समाप्त कराने के लिए कोई पहल नहीं कर रही है। जिसके चलते किसानों छात्रों नौजवानों महिलाओं में काफी आक्रोश है। टंडवा ब्लॉक के बगल में गोदाम में अनाज सड़ रहा है । अनाज के रखरखाव में लगे लापरवाह अधिकारियों को f.i.r. कर गिरफ्तार करने की मांग किया। अच्छे रखरखाव नहीं रहने के कारण करोड़ों रुपए के नुकसान उठाना पड़ा रहा है । पाठक ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार को रोकने में विफल रहा है ।राज में ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल शुरू हो चुका है। इसके चलते बड़े बड़े अधिकारियों से लेकर चपरासियों तक बेलगाम हो चुके हैं ।राज्य में जमीन की लूट, कोयला की लूट, खनिज संपदओ के लूट में सरकार एवं पदाधिकारी दोनों जिम्मेवार हैं ।उन्होंने कहा कि राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेलगाम पदाधिकारियों के विरोध में जन आंदोलन को तेज करने की संकल्प के साथ राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों मैं 9 अगस्त से ही धरना प्रदर्शन पूरे राज्य में चल रहा है।
1 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आक्रोश पूर्व प्रदर्शन किसानों की ओर से किया जाएगा , किसान विरोधी काला कानून झारखंड विधानसभा के शीतकालीन में किसान विरोधी कानून को निरस्त करके न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कानून सरकार बनाएं ,सरकार के द्वारा निर्धारित दर से कम खरीदने वाले दलालों पर कानूनी कार्रवाई सरकार।जिला मंत्री देवनंदन साहू एवं बनवारी साहू ने संबोधित करते हुए कहा की टंडवा में लोगों को आस जगी थी कि एनटीपीसी जैसे सार्वजनिक संस्थान खुलेगा तो लोगों का रोजगार मिलेगा जमीन का उचित मुआवजा मिलेगा। लेकिन न तो रोजगार मिला और जमीन के मुआवजे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है ।उन्होंने कहा कि अगल बगल के क्षेत्र में कोयला की लूट जारी है ।गैरमजरूआ भूमि को अधिकारियों और माफियाओं के मिलीभगत से हजारों एकड़ जमीन में करोड़ों करोड़ों का घोटाला अधिकारियों के द्वारा किया गया है। इसीलिए आंदोलन को तेज करने के लिए गांव-गांव में घूमकर जन संगठन को मजबूत करने का बल दिया ।सभा को युवा साथी निर्भय से नमन यादव, गया नाथ पांडे ,चिंतामणि साव, विस्थापित मोर्चा के कृष्णा साहू निरंजन से शिवदयाल साहू दशरथ ठाकुर महावीर राम सहित कई लोगों ने संबोधित किया सैकड़ों की तादाद में विस्थापित किसान मजदूर महिलाएं छात्र नौजवान आक्रोश पुन आंदोलन में शामिल थे।