विभिन्न मांगों को लेकर सीटू के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन

पाकुड़ : पेट्रोल डीजल के मूल्य बृद्धि पर रोक लगाने, नित्य प्रयोजनी बस्तुओं का कीमत कम करने, निजीकरण पर रोक लगाने तथा किसान विरोधी तीनो काला कानून वापस लेने समेत अन्य मांगों को लेकर जिला मुख्यालय व महेशपुर प्रखंड में सीटू व झारखंड राज्य किसान सभा पाकुर यूनिट के कार्यकर्ताओं के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कोविड-19 के दिए गए गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन भी किया गया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के द्वारा केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारे भी लगाए गए। जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन के दौरान उपस्थित सीटू के मानिक दुबे ने कहा कि कोरोनामहामारी के कारण लोग बेरोजगार हो रहे हैं क्रय क्षमता घटते जारहा है इस परिस्थिति में मोदी सरकार 6माह में 52बार पेट्रोल डीजल के कीमतों में बृद्धि किया है जिसका प्रभाव अतिआवश्यक वस्तुओं पर पड़ रहा है जिस कारण गरीब और निम्न मध्यवर्ग परेशान है।सरकार कोरोना काल में आम आदमी के रोजी रोटी के सवालों को दबाने के लिए साम्प्रदायिकता के साथ अन्य हतकंडे अपनाकर जनता को गुमराह कर जन समर्थन करने में भी सफल हुए हैं और इसी का फायदा उठाकर कार्पोरेट एवं पूँजीपत्तियो के हित में एक के बाद एक काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार के गलत नीतियों को लेकर आज विरोध प्रदर्शन किया गया। मौके पर कॉम नादेर हुसेन, कॉम सेख सैफुद्दीन ,कॉम रेजाउल करीम, कॉम अब्दुल हक ,कॉम सबिरुद्दीन ,कॉम अफसर सेख ,कॉम महबुल सेख समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।महेशपुर प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के हाथीमारा व महादेव नगर में सीपीआईएम महेशपुर इकाई की ओर से शनिवार को तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने तथा एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने की मांग को लेकर जिला कमेटी सदस्य गोपिन सोरेन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को सं‍बोधित करते हुए सीपीआईएम जिला कमेटी सदस्य गोपिन सोरेन ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित मे नही है और एमएसपी नही मिलने से हर साल किसानों के करोडों की लूट हो रही है।उन्होंने कहा की स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को भी लागू करने में सरकार फरेब कर रही है सरकार एमएसपी लागू करें, स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट को लागू करें साथ ही महंगाई पर रोक लगाएं। उन्होंने कहा कि तीनों कानून रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर जिला कमेटी सदस्य के अलावे सुनील टुडू, सतीश हेम्ब्रम, सब्बीर शेख, रतन मुर्मू, लुक्खीराम मुर्मू सहित अन्य मौजूद थे।