जानलेवा हुई सड़क, चलना हुआ मुश्किल

– ठेकेदार, अभियंताओं एवं राजनीतिज्ञों की तिकड़ी की मिलीभगत से जमकर हुई राशि की बंदरबांट
– निर्माण के 2 वर्ष के अंदर ही सड़कों पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढे बता रहे सरकारी राशि की लूट की दास्तान
जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा: जनाब, महज दो- तीन वर्ष पूर्व निर्मित इन सड़कों पर सरपट भागने की कोशिश मत कीजिए। ऐसी कोशिश जानलेवा हो सकती है। जल्द अपने गंतव्य पर पहुंचने की हड़बड़ी में आपको घर के बदले अस्पताल पहुंचना पड़ सकता है। इसलिए संभल कर चलिए। अपने आपको बचा कर चलिए।
महागामा प्रखंड क्षेत्र में हाल के दो-तीन वर्षों के दौरान निर्मित सड़कें दुर्घटना को साक्षात आमंत्रित करती प्रतीत हो रही हैं। सड़क पर गड्ढा है या गड्ढे में सड़क है, इसका मूल्यांकन कर पाना मुश्किल हो रहा है। बरसात के मौसम में इस क्षेत्र में सड़कों की स्थिति काफी और सुरक्षित हो गई है। सड़कों पर जगह जगह गड्ढों में पानी जमा है। गड्ढा कितना गहरा है, इसका अंदाजा नहीं रहने के कारण बाइक सवार दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।
महागामा प्रखंड क्षेत्र में हालिया दो-तीन वर्षों के दौरान निर्मित अधिकांश सड़कें ठेकेदार, अभियंता एवं जनप्रतिनिधियों की तिकड़ी की लूट खसोट की दास्तान सुनाती प्रतीत हो रही हैं। चाहे महागामा- नरैनी सड़क हो या अंतर प्रांतीय हनवारा- सनहौला सड़क, या कोई अन्य सड़क। सभी सड़कों की स्थिति दर्जन एवं जानलेवा हो गई है।
हालात का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि गड्ढे में सड़क है या फिर सड़क में गड्ढा, यह पता भी नहीं चलेगा। इनमें से कुछ तो डेंजर जोन के रूप में मुंह बाए खड़ी है।यहां की हालत ऐसी है कि सड़कों पर कभी नाला का पानी जमा रहता है, तो कभी बारिश का।
इन गड्ढों वाली सड़कों की हालत ऐसी बन चुकी है कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी। विडंबना तो यह है कि सड़कों की दुर्दशा ग्रस्त स्थिति न जिला प्रशासन को दिखाई दे रहा है और न किसी जनप्रतिनिधियों को। सड़कों का निर्माण करने वाली एजेंसी भी अपने कारनामों पर बेशर्मी पूर्वक आंख मूंदे हुई है। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई इन सड़कों की दशा और दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है। दिन के समय में तो फिर भी गनीमत है,पर रात का सफर तो बिल्कुल सुरक्षित नहीं।

करोड़ों खर्च के बाद भी सड़कों की हालत खस्ता

स्थानीय ग्रामीण अफरोज,नईम आलम, विवेक भगत, अजय कुमार, शब्बीर अंसारी आदि का कहना है कि विकास पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। लेकिन यहां सड़कों की हालत को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी राशि को किस तरह बेदर्दी पूर्वक लूटने का काम किया गया है। निर्माण या मरम्मत के महज दो साल बाद ही सड़कों की हालत खस्ता हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झारखंड को बिहार से जोड़ने वाली हनवारा- सनहौला मेन सड़क पर भी जगह जगह गड्ढों की भरमार हो गई है । हल्की बारिश में ही यहां पानी भर जाता है। इसके कारण इस गड्ढ़े का आकार बढ़ता जा रहा है । इस महत्वपूर्ण सड़क होकर हर रोज कई बड़े भारी वाहन गुजरते हैं। जिसके चलते इसकी हालत और बिगड़ रही है। हकीकत में इस सड़क से गुजरना खतरे से कम नहीं है। वाहन चालकों को दूर से इन गड्ढों का आभास नहीं होता है।
मुख्य सड़कों पर भी गड्ढ़े हैं, जिन्हें भरना जरूरी है।मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि हनवारा- नरैनी मुख्य मार्ग लगभग तीन वर्ष पहले करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। लेकिन तीन साल के अंदर ही सड़क की हालात ऐसी हो गई है, जिसे आप देखकर दंग रह जाएंगे।ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन से सड़क की अविलंब मरम्मत करवाने की मांग की है।