नियोजन नियमावली में अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग

जावेद अख्तर की रिपोर्ट

हनवारा: महागामा प्रखंड अंतर्गत विश्वासखानी पंचायत के विद्यार्थियों ने अंगिका भाषा को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना है कि सरकार की नियोजन संबंधी नई नियमावली छात्र विरोधी है। क्योंकि हमारा जिला झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाके में आते हैं। हमारे यहां की मुख्य भाषा अंगिका है। नई नियोजन नियमावली में अंगिका भाषा को हटाने का निर्णय लिया है। साथ ही जेटेट विद्यार्थियों के लिए झारखंड से मैट्रिक और इंटरमीडिएट पास करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में छात्रों का कहना है कि कुछ साल पहले हमारे यहां मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई के लिए बहुत दूर जाना पड़ता था। इसी कारण से विद्यार्थी झारखंड से कोई मैट्रिक या तो इंटर किया है। ऐसे में हम झारखंड के मूल निवासी रहते हुए भी झारखंड का लाभ नहीं उठा सकते हैं। इनका कहना था कि राज्य की नई नियोजन नीति में सरकार अंगिका भाषा को जोड़े। अगर सरकार हमारी बातों को नहीं सुनेगी तो हम सभी छात्र 25 नवंबर को अंचल कार्यालय महागामा में अन्न जल त्याग कर अनशन पर बैठेंगे और तब तक नहीं उठेंगे जब तक हमारी मांगों को पुरा नहीं किया जाएगा। मौके पर वरुण कुमार भगत, सोनू कुमार मंडल, रितेश कुमार सिंह, विवेक कुमार भगत, अभिषेक भगत, दिलीप सिंह, संतोष कुमार सोनी, निधि कुमारी, विष्णु कुमार ठाकुर, श्रवण कुमार एवं दर्जनों की संख्या में छात्र उपस्थित थे। साथ ही नाराज छात्रों ने 25 नवंबर को अनशन करने का फैसला लिया है।