जिले में उच्च विद्यालयों में विशेष रूप से पुस्तकालय सह मॉडल विकसित करें: डीसी

विशेष केंद्रीय सहायता मदांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना के लिए योजनाओं के चयन पर विचार-विमर्श तथा उक्त मदांतर्गत पूर्व से क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक संपन्न

गुमला: उपायुक्त  शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में विशेष केंद्रीय सहायता मदांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्ययोजना के लिए योजनाओं के चयन पर विचार-विमर्श तथा उक्त मदांतर्गत पूर्व से क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) की बैठक आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय कक्ष में की गई।

बैठक में उपायुक्त ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विशेष केंद्रीय सहायता योजनांतर्गत विभागों द्वारा समर्पित किए गए कार्ययोजना पर समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान जिले के 50 प्राथमिक/ माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों में पुस्तकालय सह मॉडल (खेलकूद सामग्रियों के साथ) की अधिष्ठापना करने पर विचार-विमर्श किया गया। इसपर उपायुक्त ने सर्वप्रथम जिले के उच्च विद्यालयों में विशेष रूप से पुस्तकालय सह मॉडल विकसित करने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक को जिले के 50 उच्च विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विदित हो कि जिले में 110 उच्च विद्यालय़ हैं जिसमें से 50 विद्यालयों में पुस्तकालय सह मॉडल का अधिष्ठापन किया जाएगा।
इसके साथ ही जिले के 50 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास अधिष्ठापित करने की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिलांतर्गत उच्च विद्यालयों में स्मार्ट क्लास अधिष्ठापित करने हेतु विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का आंकलन करते हुए उनकी सूची तथा प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया।
वहीं गुमला जिलांतर्गत 167 विद्यालयों में चापाकलों की अधिष्ठापना के संबंध में उपायुक्त ने चापाकल सहित सोलर जलमीनार अथवा अन्य जल स्रोतों के माध्यम से उक्त विद्यालयों में पेयजल की सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिलांतर्गत 12 प्रखंडों के 575 विद्यालयों में 32030 सैनिटरी नैपकिन तथा उक्त विद्यालयों में नैपकिन के उचित निपटारे के लिए इनसिनरेटर की आपूर्ति करने पर विचार-विमर्श किया गया। इसपर समिति द्वारा सर्वसम्मति से सैनिटरी नैपकिन एवं इनसिनरेटर की आपूर्ति किए जाने का निर्णय लिया गया।
उपायुक्त ने विशेष केंद्रीय सहायता अंतर्गत मुख्य रूप से कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों/ आश्रम एवं एकलव्य विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर मॉडल के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में 250 मॉडल आंगनबाड़ी केंदर् में एएसी चेकअप बेड, पर्दे एवं स्टूल का क्रय आदि कार्य करने से संबंधित कार्ययोजना समर्पित किया गया। इसपर उपायुक्त ने मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाली गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की सुविधा को देखते हुए चेकअप बेडों की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।

बैठक में कृषि विभाग द्वारा समर्पित कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने जिलांतर्गत सोलर आधारित सिंचाई योजनाओं को अधिक बढ़ावा दिए जाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में समिति द्वारा सर्वसम्मति से बिशुनपुर प्रखंड में लेमनग्रास तथा गुमला जिलातंर्गत विभिन्न प्रखंडों में 25 एकड़ पर मुन्गा खेती को अनुमोदित किया गया।

वहीं जिलातंर्गत 12 प्रखंडों में सौर आधारित शीतगृह (कोल्डरूम) बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसपर उपायुक्त ने जिले के कृषकों के लिए उनके द्वारा उत्पादित सब्जियों के संग्रहण के लिए शीतगृह के निर्माण को अति महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यपालक अभियंता विशेष प्रमंडल को प्राक्कलन 10 अक्तूबर तक समर्पित करने का निर्देश दिया।

बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा जिलातंर्गत चेकडैम से संबंधित प्रस्ताव सहित अन्य विभागों द्वारा भी प्रस्ताव समर्पित किया गया।

उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त सहित वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत, सहायक जिला योजना पदाधिकारी विभूती नारायण सिंह, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्राण रंजन, समादेष्टा 218 बटालियन के0रि0पु0 बल सिलम रिंकी कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मोहम्मद कलाम, जिला नियोजन पदाधिकारी अश्विनी कुमार, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विषेश प्रमंडल अमरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता जिला परिषद ए.रहमान व अन्य उपस्थित थे।