गोड्डा पोस्ट ऑफिस के डाक कर्मी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

– मृतक की जेब से बरामद पत्र में मौत के लिए डाक निरीक्षक को ठहराया गया है जिम्मेवार
गोड्डा: जिला मुख्यालय के मुख्य डाकघर में पदस्थापित डाक कर्मी दिनेश कुमार राय ने मंगलवार को अहले सुबह गले में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की जेब से बरामद कागज में उन्होंने अपनी मौत के लिए डाक निरीक्षक पंकज कुमार पंकज को जिम्मेवार ठहराया है। इस संबंध में मृतक की पत्नी की ओर से नगर थाना में डाक निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि अनुसंधान के उपरांत ही कार्रवाई की जाएगी।
मृतक डाक कर्मी मुख्य डाकघर, गोड्डा में प्रभारी ओवरसीयर के पद पर कार्यरत थे। मूल रूप से बसंतराय प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव निवासी स्वर्गीय राय जिला मुख्यालय के गंगटा मोहल्ला में घर बनाकर रहते थे। मंगलवार को अहले सुबह करीब तीन बजे अपने घर के एक कमरे में उनकी लाश फांसी के फंदे से झूलते हुए पाई गई। परिजनों ने फंदे से झूलते हुए शव को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। मृतक की जेब से कागज में मृत्यु पूर्व बयान लिखा हुआ मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए डाक निरीक्षक पंकज कुमार पंकज को जिम्मेवार ठहराया है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि करीब एक माह पूर्व योगदान करने वाले डाक निरीक्षक पंकज कुमार पंकज द्वारा दिनेश कुमार राय को बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। इससे डाक कर्मी स्वर्गीय राय काफी परेशान रहा करते थे। अपने परिवार वालों को मानसिक व्यथा का इजहार करते हुए स्वर्गीय राय ने कहा था कि वर्तमान डाक निरीक्षक के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें आत्महत्या करने के लिए विवश किया जा रहा है।
इस संबंध में मृतक की पत्नी रंजू देवी की ओर से नगर थाना में डाक निरीक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में स्वर्गीय राय की जेब से बरामद पत्र की छाया प्रति भी दी गई है। मृतक के छोटे भाई संतोष कुमार राय ने बताया कि डाक निरीक्षक पंकज कुमार पंकज उनके बड़े भाई को काफी प्रताड़ित कर रहे थे। इससे वह काफी क्षुब्ध रहा करते थे। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि डाक निरीक्षक की प्रताड़ना से त्रस्त उनके बड़े भाई दिनेश कुमार राय की जेब से बरामद पत्र से आशंका होती है कि एक दिन पूर्व ही उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की होगी। क्योंकि पत्र में जो तिथि 31. 8. 20 21 अंकित है, उसे गौर करके देखने पर पता चलता है कि 31 तारीख वाइटनर से संशोधित किया गया है। उन्होंने 30 अगस्त को ही आत्महत्या करने का मन बना लिया होगा और पत्र लिखा होगा। लेकिन उस दिन उन्होंने विचार त्याग दिया होगा।
इस सनसनीखेज आत्महत्या कांड के बाबत नगर थाना प्रभारी मुकेश पांडे ने बताया कि अनुसंधान के उपरांत ही कोई कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आरोपी से भी पूछताछ की जाएगी। आत्महत्या के पीछे आर्थिक घोटाला भी हो सकता है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की जेब से पुलिस ने कोई पत्र बरामद नहीं किया था, बल्कि परिजनों द्वारा ही पत्र पुलिस को दिया गया। बरामद पत्र की जांच कराई जाएगी कि मृतक ने स्वयं लिखा था या किसी और ने लिखा है?