नहर निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितता, पुलिया निर्माण के साथ ही बीच से धंसा, गुणवत्ता का खुला पोल

सुभाष कुमार सिंह

मयूरहंड (चतरा) मयूरहंड प्रखंड में लॉड्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा लगभग 67करोड़ रुपए की लागत से मंझगावां पंचायत स्थित अंजनवां जलाशय से पेटादेरी पंचायत तक नहर-निर्माण कार्य किया जा रहा है।कार्य प्रारंभ होने के समय से ही गुणवत्ताहीन कार्य का क्षेत्र के किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। सिमरिया विधायक किसुन कुमार दास ने भी इसपर गंभीर ऐतराज जता चुके हैं, इसके बावजूद लॉड्स इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया जा रहा है। स्थानीय किसानों और विधायक के विरोध के बावजूद जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता और अन्य विभागीय पदाधिकारियों द्वारा कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए संवेदक को निर्देशित नहीं कर रहे हैं। यदि गुणवत्तापूर्ण कार्य का निर्देश दिया गया होता तो कार्य में गुणवत्ता परिलक्षित होता, जो नहीं दिख रहा है।संवेदक द्वारा लगातार गुणवत्ता की अनदेखी की जा रही है और विभाग उदासीन होकर मूकदर्शक बना हुआ है। इसके विरोध में आज मायापुर सोनपुरा के किसानों ने मायापुर ठाकुरबाड़ी में एक अहम बैठक की। किसानों ने संवेदक द्वारा किए जा रहे घटिया नहर-निर्माण कार्य पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। किसानों ने नवनिर्मित पुलिया को दिखलाया। किसानों ने कहा कि पुलिया निर्माण में डीवीसी मात्र दो इंच किया गया है और उसी पर जैसे तैसे पत्थर जोड़कर दीवार खड़ा कर ढलाई कर दिया गया। नवनिर्मित पुलिया निर्माण के साथ ही बीच में झुका हुआ दिखा। निर्माण-स्थल पर उपस्थित कंपनी कर्मी सुधाकर झा ने गलती स्वीकार करते हुए पुलिया को फिर से तोड़कर बनाने की बात कही। किसानों ने कहा कि इतनी बड़ी लागत से बन रहे नहर-निर्माण कार्य का एकबार भी जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुआयना तक नहीं किया, और न ही किसानों और विधायक के आपत्ति पर कोई संज्ञान लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की अधिभार क्षमता आठ से नौ टन होता है। नहर-निर्माण कार्य में भारी वाहनों द्वारा चालीस से पचास टन भार क्षमता के वाहनों का परिचालन होने से ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें और मायापुर गांव में पूर्व से निर्मित पीसीएस पथ और हार्ड सर्फेस पथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, उसे भी विभाग द्वारा नहीं बनाया जा रहा है। नहर मायापुर गांव के बीच से होकर गुजरा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जानमाल की सुरक्षा के लिए गांव में नहर पर ढक्कन लगाने और सुरक्षा घेरा बनाने की मांग की है।