गुणवत्ता शिक्षा पर कार्य करना आवश्यक : बीडीओ

रामगोपाल जेना
चाईबासा: मंझारी प्रखंड के लुमजुरी गांव में तीन बहनों बासमती,दशमिता और गीता बिरुवा तथा महिला समूह द्वारा संचालित स्कूल के बच्चों एवं अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए विचार गोष्ठी आयोजित किया गया। इसमें बतौर अतिथि उपस्थित डुमरिया,पूर्वी सिंहभूम के बीडीओ साधुचरण देवगम ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की परिस्थिति में शिक्षा की गुणवत्ता पर कार्य करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर नई पीढ़ी को अधिक से अधिक जानकार बनाएंगे,ताकि वे जीवन के हर परिस्थिति का सामना आसानी से कर सके। बीडीओ ने कहा जागरूक बहनें एवं महिला समूह द्वारा संचालित इस स्कूल के लिए पुस्तकें और कोपी मुहैया करायी जाएगी।साथ ही यहां लाइब्रेरी खोला जाएगा।
बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए उच्च स्तरीय सरकारी स्कूलों में दाखिला लें हो महासभा के शिक्षा सचिव सह साहित्यकार जवाहरलाल बांकिरा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए एकलव्य,नवोदय,नेतरहाट और इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय सरीखे उच्च स्तरीय सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने का प्रयास करें। उन्होंने जानकारी दी कि इन दिनों उक्त विद्यालयों में दाखिला के लिए आवेदन भरा जा रहा है। प्रोफेसर दिलदार पूर्ति ने कहा कि अपने बच्चों को सुशिक्षित बनाएं।श्री पूर्ति ने कहा हम अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार जीने का प्रयास करें। परिवार में बच्चे उतना ही हो जितना उसके पालन पोषण व शिक्षित करने में आसानी हो। प्रोफेसर प्रताप सिंह बानरा ने कहा कि अब समय है शिक्षा से जीवन की हर कठिनाईयों को दूर करने की। इसलिए जब भी शिक्षा ग्रहण करने अवसर मिले, इसमें नहीं चूकना चाहिए।मरसल तुरतुंग संस्था,असुरा, झींकपानी के निदेशक सिकंदर बुड़ीउली ने कहा बच्चों को हर चीजों से परिपूर्ण करने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी मजबूत बनाने की आवश्यकता है। ताकि बच्चों में सर्वांगीण विकास हो।शिक्षक कृष्णा देवगम ने कहा समुदाय में पढ़ने व पढ़ाने का माहौल तैयार करना अति आवश्यक हो गया है। इसलिए हर विद्यार्थी पढ़ाई को जिंदगी का हिस्सा बनाकर पढ़ना या जानकारी हासिल करना एक आदत बनाएं।
बच्चों को बनाएं संस्कारी
पुलिस सार्जेंट मेजर रांधो देवगम ने कहा कि बच्चों को गुणवान बनाने में माता-पिता का कर्तव्य है।अपने बच्चों को संस्कारी बनाएं।ताकि बच्चों में बड़ों का आदर करने की आदत आ जाए।
हरसंभव अपनी आमदनी बढ़ाएं
गोष्ठी के मंच संचालक अब्बुसेल के बोंजो सिंह बानरा ने कहा कि माता-पिता को हरसंभव अपनी परिवार की आमदनी का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए अपना कौशल विकास बढ़ाने की आवश्यकता है। कौशल विकास बढ़ाने के लिए अब्बुसेल जैसी कार्य कर रही है। ऐसे संस्था से अवश्य सम्पर्क करें।
मौके पर ग्रामीण मुंडा हरदेव बिरुवा,बुद्धदेव बिरुवा,सनातन बिरुवा, ज्योतिष बिरुवा, शिक्षक प्रेमप्रकाश बिरुवा,पोरेश बिरुवा,सावित्री बिरुवा,चांदमुनी बिरुवा,पूनम बिरुवा, गुरुचरण बागे समेत काफी संख्या में अभिभावक व बच्चे बच्चियां उपस्थित थे।