चैनपुर प्रखण्ड के 05 पंचायत में संदेहास्पद मनरेगा मजदूरी दिखाएं जाने की शिकायत पर डीडीसी ने क्षेत्र का निरीक्षण कर जानकारी ली

गुमलाः मनरेगा आयुक्त ग्रामीण विकास झारखंड रांची के प्रतिवेदित निर्देशानुसार गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड अंतर्गत 5 पंचायत यथा बेंदोरा, बर्वेनगर, मालम, जनावल तथा रामपुर में औसतन प्रतिदिन 250 मनरेगा मजदूर कार्यरत दिखाएं जाने से उठे संदेहास्पद मनरेगा मजदूर की संख्या की जांच हेतु उप विकास आयुक्त गुमला संजय बिहारी अम्बष्ठ की अध्यक्षता में 9 सदस्य टीम का गठन कर उक्त पंचायतों का मनरेगा मजदूर एवं मनरेगा से निर्मित योजना का निरीक्षण किया गया। उक्त पाँचों पंचायत में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2021-22 में सबसे अधिक मनरेगा मजदूर काम कर रहे हैं और क्षेत्र में मनरेगा योजना का भी सत्यापन किया गया।
इस दौरान उप विकास आयुक्त गुमला द्वारा चैनपुर प्रखंड के अति दूरस्थ पंचायत जनावल के डोकापाठ ग्राम में मनरेगा से चलने वाले सिंचाई कूप, दीदी बाड़ी योजना, आम बागवानी, डोभा निर्माण एवं टीसीबी योजना का निरीक्षण किया गया। ज्ञातव्य हो कि ग्राम डोकापाठ जंगलों और पहाड़ों पर अवस्थित उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है और यहां पर आदिम जनजाति के लोग निवास करते हैं। जहां सभी जगह आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं है जिसके कारण उप विकास आयुक्त गुमला ने मोटरसाइकिल में सवार होकर योजनाओं का निरीक्षण किए। निरीक्षण के क्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी चैनपुर भी उपस्थित थे। निरीक्षण के क्रम में आदिम जनजातियों द्वारा उगाए गए दीदी बाड़ी योजना के सब्जी को देखकर उप विकास आयुक्त अति प्रसन्न हुए और लोगों को कृषि में आत्मनिर्भर होने की बात कही। साथ ही क्षेत्र में रहने वाले 18 वर्ष आयु वर्ग तथा 45 वर्ष से ऊपर के लोगों से कोरोना टीका लेने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा इस टीका से ही कोरोना वायरस का बचाव होगा।
सत्यापन के दौरान ऋतुराज परियोजना पदाधिकारी, डॉ0 सुनिता कुजूर परियोजना पदाधिकारी, इरफान आरिफ सहायक परियोजना पदाधिकारी, चंदन कुमार सहायक अभियंता, प्रदीप तिर्की कनीय अभियंता, धर्मेंद्र किशोर सहायक अभियंता, उमेश कुमार सहायक अभियंता, मोहम्मद तारिक अली कनीय अभियंता तथा सियाराम सिंह कनीय अभियंता उपस्थित थे।