बेकार साबित हो रहे लाखों से बने सार्वजनिक शौचालय

विजय कुमार की रिपोर्ट
मेहरमा : ठाकुरगंगटी प्रखंड परिसर में लाखों खर्च कर निर्माण करवाए गए सार्वजनिक शौचालय बेमानी साबित हो रहे हैं। कहीं पानी टंकी नहीं लगाई गई है तो कहीं निर्माण ही अधूरा है। कई जगह बनने के बाद से ही शौचालयों के मुख्य गेट पर ताला लगा है। ग्रामीण खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। ‘खुले में शौच मुक्त’ का दावा छलावा साबित हो रहा है। सरकार ने गांवों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाने के लिए योजना की शुरुआत की थी। लोगों को बाहर शौच जाने पर रोक लगाने के लिए सुविधा प्रदान की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दुनिया का सबसे साफ, स्वच्छ तथा सुंदर देश बनाने के लिए ‘स्वच्छ भारत मिशन’ अभियान को लागू किया था। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते योजना ठिठक गई। इधर बताते चलें कि प्रखंड परिसर में 96 हजार 800 रुपये की राशि से निर्मित सार्वजनिक शौचालय मात्र शोभा का वस्तु बनकर रह गया है शौचालय के आसपास गंदगी का अंबार फैला हुआ है ना ही पानी की कोई व्यवस्था है वही प्रखंड के कई पंचायतों में लाखों की लागत से निर्मित सार्वजनिक शौचालय में पानी का कोई व्यवस्था नहीं रहने के कारण उपयोग नहीं हो पा रहा है प्रखंड के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महागामा विधानसभा की विधायक दीपिका पांडे सिंह से अभिलंब पूर्व में निर्मित सार्वजनिक शौचालय में पानी की टंकी लगवाने का मांग किया है।