गोड्डा से रांची के बीच रेल परिचालन प्रारंभ

– गोड्डा रेलवे स्टेशन पर सांसद निशिकांत दुबे ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

गोड्डा से अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: गोड्डा के रेल विकास संबंधी इतिहास में बुधवार को एक और महत्वपूर्ण पन्ना जुड़ गया। गोड्डा से राज्य की राजधानी रांची के लिए सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो गई। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ निशिकांत दुबे एवं विधायक अमित कुमार मंडल ने हरी झंडी दिखाकर गोड्डा से रांची के बीच चलने वाली रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दिल्ली से रेल मंत्री ने ऑनलाइन इस नई रेल सेवा का उद्घाटन किया।
इस मौके पर सांसद डॉक्टर निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा, समर्पण अभियान के तहत गोड्डा को रांची के लिए एक्सप्रेस ट्रेन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि रेलवे को रेवेन्यू देने के मामले में झारखंड का महत्वपूर्ण योगदान है। इसलिए झारखंड के प्रति रेलवे का नजरिया अलग होना चाहिए। गोड्डा के रेल से जोड़ने की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद यहां रेल पहुंच पाई। कई लोग कहते हैं कि यह रेल परियोजना कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार में ही स्वीकृत हो गयी थी। बात भी सही है।लेकिन 2007- 08 में जब रेल मंत्रालय ने झारखंड सरकार को चिट्ठी लिखी कि क्या इस परियोजना के लिए राज्य सरकार 50 फ़ीसदी राशि देने के लिए तैयार है, तो झारखंड सरकार ने जवाब दिया कि इसके लिए हम पैसा नहीं देंगे। उस समय शिबू सोरेन मुख्यमंत्री थे। सांसद श्री दुबे ने कहा कि जब बीजेपी की सरकार बनी और अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने दबाव डाला। उनके दबाव के परिणाम स्वरूप इस रेल परियोजना के लिए राज्य सरकार 50 प्रतिशत राशि देने को तैयार हुई। सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने किसी योजना की शुरुआत की तो लंबा समय लगा। उन्होंने जिस कविगुरु एक्सप्रेस ट्रेन के नोनीहाट मेंं स्टॉपेज का उद्घाटन किया, उस रेल लाइन के लिए 1995 में ही मंदारहिल से दुमका के लिए काम चालू हुआ था। मुश्किल से 50 किलोमीटर का काम था। 1995 के काम का उद्घाटन उन्होंने 2015 में किया । 20 साल लग गए मंदारहिल- दुमका रेल लाइन के निर्माण में। जबकि गोड्डा में बहुत कम समय में काम पूरा हुआ। गोड्डा के लोगों ने अच्छा काम किया कि उन्हें और पीएम मोदी को वोट दिया।
सांसद दुबे ने कहा कि गोड्डा का माहौल ऐसा है कि यहां काम करना पदाधिकारियों के लिए मुश्किल है।इस ट्रेन के लिए कई बातें हुई। विरोधी कहते हैं कि भागलपुर होकर क्यों ट्रेन दे दिया। लंबा रूट दे दिया। उन्होंने कहा कि दुमका से एकमात्र रांची के लिए ट्रेन चलती है। उसे भी गोड्डा से कर देता तो दुमका के सांसद सुनील सोरेन चुनाव हार जाते।गोड्डा से दिल्ली,रांची के लिए ट्रेन चल रही है। दोनों राजधानी जुड़ गया है।
सांसद श्री दुबे ने बगैर नाम लिए अपने चुनावी प्रतिद्वंदी विधायक प्रदीप यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिनको धुंआ देखना था उनको तीन-चार साल से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। प्रदीप यादव ट्रेन से अपने ससुराल श्याम बाजार बौसी जाएंगे और संजय यादव अपने घर ढाकामोड़ जाएंगे। जामताड़ा के विधायक इरफान अंसारी का बिना नाम लिए श्री दुबे ने कहा कि “किसी ने कहा कि हम नहीं ट्रेन नहीं चलने देंगे।” गोड्डा के किसी भी राजनीतिक दल में इतनी ताकत नहीं जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को विकास कार्य करने से करने से रोक ले।
सांसद ने रेलवे अधिकारियों को गोड्डा प्लेटफार्म की समस्या बताते हुए कहा कि प्लेटफार्म पर दिव्यांग, बड़े बुजुर्ग और महिलाओं को चढ़ने में बहुत परेशानी होती है,क्योंकि प्लेटफॉर्म बहुत ऊंचा है। इसलिए यहां एक्सीलेटर बनवा दिया जाए।गोड्डा- महागामा रेल लाइन का काम जल्द शुरू किया जाए। गोड्डा से पाकुड़ रेल कैसे चालू हो इस पर पहल करें। उन्होंने कहा कि गोड्डा से सूरत, बेंगलुरु, गोवा के लिए ट्रेन चालू करनी है।