मजदूर नेता डॉ राधेश्याम ने सीटू नेताओं को भेंट की स्वरचित पुस्तकें

गोड्डा: ईसीएल की राजमहल परियोजना, ललमटिया के सीटू ट्रेड यूनियन के वरिष्ठ नेता डॉ राधेश्याम चौधरी राष्ट्रीय स्तर के चर्चित कवि एवं साहित्यकार भी हैं। देश के विभिन्न शहरों में आयोजित कवि गोष्ठी में अपनी रचनाओं का पाठ करते हुए सम्मानित होने वाले डॉ राधेश्याम ने अनेक साहित्यिक पुस्तकों की रचना भी की है। रविवार को परियोजना के दौरे पर आए सीटू के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव एवं जेबीसीसीआइ सदस्य कामरेड डीडी रामानंदन को डॉ चौधरी ने राजमहल हाउस में अपनी पुस्तक “वरदान” एवं “निर्मला” भेंट स्वरूप दी। दोनों नेताओं ने डॉ चौधरी के बहुमुखी प्रतिभा की सराहना की। कहा कि सीटू के सक्रिय मजदूर नेता की भूमिका का निर्वहन करने वाले डॉ राधेश्याम चौधरी कवि एवं साहित्यकार के रूप में भी राष्ट्रीय स्तर पर अमिट छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं।
मौके पर श्री विप्लव एवं श्री रामानंदन ने सीटू श्रमिक संगठन से जुड़े कामगारों को संबोधित किया।कहा कि राजमहल परियोजना में कोयला कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए सीटू आंदोलन के लिए हर वक्त तैयार रहती है। सीटू के आंदोलनों में डॉ राधेश्याम चौधरी की अहम भूमिका रहती है। उनका कहना है कोयला कामगारों की किसी भी समस्या से समझौता सीटू नहीं करेगी। कर्मियों की रक्षा, सुरक्षा, भविष्य की चिंता के लिए सीटू हर वक्त तैयार है।
श्री रामानंदन ने कहा कि 11वां वेज बोर्ड में कोयला कर्मियों के वेतन में काफी बढ़ोतरी की संभावना है।
सीटू के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने कहा कि सीटू आंदोलन के लिए ही मजदूरों के बीच जानी जाती है। मजदूरों की समस्या को लेकर प्रबंधन के साथ समझौता नहीं की जाएगी। आंदोलन के लिए सीटू हर वक्त तैयार है और मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए हर वक्त तत्पर है।