बंजर भूमि पर प्रशासन लेमन ग्रास लगाने में किसानों की कर रही सहयोग, बढ़ेगी किसानों की आमदनी

खूंटी: खूंटी जिले में हजारों एकड़ वैसे जमीन जिस पर सिंचाई सुविधा के अभाव में दशकों से खेती नहीं हो रही है, वैसे बंजर भूमि पर जिला प्रशासन लेमनग्रास की खेती करने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान कर रही है। खूंटी में काम करने वाली सेवा वेलफेयर सोसाईटी जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष केंद्रीय सहायता मद से सभी छह प्रखंडों में 200 एकड़ में लेमनग्रास की खेती करा रही है। जिसका शुभारंभ जिले के डीसी शशि रंजन ने खूंटी सदर प्रखंड के मारंगहादा में लेमनग्रास के पांच पौधे लगाकर किया। जहां मौजूद किसानों को उन्होंने मारंगहादा समेत आसपास के गांवों में भी लेमनग्रास की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि किसान जितनी जमीन पर लेमनग्रास लगा सकते हैं लगाऐं, जिला प्रशासन सहयोग करने को तैयार है।

डीसी शशि रंजन ने कहा कि जिले के टांड़ जमीन पर इस वर्ष जेएसएलपीएस और सेवा वेलफेयर सोसाईटी के माध्यम से सात से आठ सौ एकड़ में लेमनग्रास की खेती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए गांवों में लोगों को लेमनग्रास की खेती और उससे होने वाले फायदों की जानकारी देने के बाद यह खेती की जा रही है। इससे बेकार पड़े जमीन का उपयोग हो रहा है, साथ ही प्रति एकड़ किसान को सलाना 80 हजार से एक लाख रूपये का लाभ भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुरहू के सुरूंदा में लेमनग्रास से तेल निकालने के लिए आसवन केंद्र स्थापित किया गया है। जहां लोग लेमनग्रास लेकर आ रहे हैं और तेल लेकर जा रहे हैं। बाजार में तेल 11 से 12 सौ रूपये के भाव से बिक रहा है। जिससे किसान खुश हैं। जिले में और भी आसवन केंद्र लगाये जाऐंगे।

डीसी ने कहा कि जहां ग्रामीण अधिक से अधिक जमीन पर लेमनग्रास की खेती करेंगे, वहां तेल निकालने के लिए आसवन केंद्र लगाने का काम जिला प्रशासन करेगी। इसकी खेती, तेल निकालने और बाजार उपलब्ध कराने में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डीसी ने कहा कि यह एक सक्सेसफुल मॉडल और ग्रामीणों के लिए सुअवसर है। लेमनग्रास की खेती से यहां के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो जाएगी। जिससे सामाजिक कुरीतियां भी दूर होगी। गांव खुशहाल होंगे।

मारंगहादा के किसान भोंज नाग ने कहा कि पहले हम जमीन के लिए लड़े थे, अब जमीन से लडेंगे। गांव में कहीं भी जमीन अब खाली नहीं रहेगी। हर खाली पड़े (मरचा) भूमि पर लेमनग्रास की खेती होगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्हें लेमनग्रास की खेती से एक लाख रूपये का मुनाफा हुआ। जिसे देख अब अगल-बगल गांव के लोग भी खेती करने को लेकर अपनी इच्छा जता रहे हैं। सेवा वेलफेयर सोसाईटी वर्ष 2018 से लेमनग्रास की खेती के क्षेत्र में काम कर रही है। जिला प्रशासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है। देवा हस्सा ने बताया पिछले वर्ष सफलता पूर्वक 70 एकड़ में लेमनग्रास जिला प्रशासन के सहयोग से लगाया गया था, जिससे अब तेल निकालने का काम किया जा रहा है। इस वर्ष दो महीने में 200 एकड़ में लेमनग्रास लगाने का लक्ष्य है। इस कार्य की प्रशंसा पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख भी कर चुके हैं।

इस मौके पर भोंज नाग, बेरनादेत्त टुटी, सांदू मुंडा, फौद नाग, जगाय नाग, गोगा नाग, बिगन कुमारी, बसंती नाग आदि उपस्थित थे।