7 महीने बाद बीसीसीएल दुगदा वाशरी प्लांट से हुआ कोयला रैक डिस्पेच

बोकारो से जय सिन्हा
बोकारो: बोकारो कोल इंडिया का झारखण्ड के बोकारो जिले के दुगदा में स्थापित सात महीने से बन्द दुगदा कोलवाशरी प्लांट झारखण्ड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सीटीओ आदेश जारी होने के 15 दिनों बाद मंगलवार को सुबह एक रैक कोयला डिस्पेच करने के साथ वाशरी प्लांट चालू कर दिया गया । पीओ एस एन समानता ने पूजा अर्चना एवं नारियल फोड़ कर कोयला रैक को डिस्पेच किया । 21 मई 2021 को परिष्कृत कोयले का एक रैक कोयला डिस्पेच के बाद कोयले की रॉयल्टी भुगतान को लेकर दुगदा कोलवाशरी प्लांट को बंद कर दिया गया था । 1 नवम्बर 2021 को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वाशरी प्लांट चालू के लिए सीटीओ आदेश के बाद जिला खनन विभाग बोकारो ने प्लांट चालू करने का स्पष्टीकरण दिया । पीओ एस एन सामंता ने कहा कि वाशरी प्लांट के भंडार में पड़े पावर कोयला को कहलगांव पावर प्लांट डिस्पेच किया गया है । अभी वाशरी प्लांट में कोलियरियों से कोयला आपूर्ति होना शुरू नही हुआ है । प्लांट में कोयला आपूर्ति के बाद उतपादन होना शुरू हो जाएगा । कोयला डिस्पेच एवं पूजा अर्चना में यूनियन जनता मजदूर संघ के सचिव गुलाब चौहान , इंटक के सचिव आजय सिंह , एटक के सचिव आसनी मांझी , झारखण्ड मजदूर यूनियन सचिव भीम लाल महतो एवं वाशरी पीओ सामंता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे । दुगदा कोलवाशरी प्लांट को चालू के लिए आंदोलनरत्त यूनियन जनता मजदूर संघ के सचिव गुलाब चन्द्र चौहान एवं इंटक के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वाशरी प्रबन्धन को सीटीओ प्राप्त होने के पन्द्रह दिनों बाद प्लांट के भंडार में पड़े कोयला को डिस्पेच करना और प्लांट में कोलियरी से कोयल आपूर्ति नहीं किया जाना यह वाशरी प्लांट बन्द करने का बीसीसीएल प्रबन्धन की साजिश है ।