कोरोना ने कलाकारों की घुंघरुओं की आवाज भी बंद कर दी

कलाकारों को नही मिल रहा है बड़ा मंच
सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दिशुम गुरु शिबू सोरेन के जन्मोउत्सव पर कलाकारों को मिल सकता है बड़ा मंच
रामगोपाल जेना
चक्रधरपूर: कोरोना ने ऐसे तो पठन पाठन के साथ साथ रोजी रोजगार व सरकार के काम काज को भी ब्रेज लगाया है पर जब जब गांव हो या शहर पर्व त्यौहार का अवसर आता है तो कलाकारों में भी बैचनी व उदासी देखी जा रही है । कलाकारों की कला आखिर कितने दिनों तक थमी रहेगी अब दबी जुबान चर्चा भी होने लगी छौ नृत्य या लोक नृत्य की बात हो सभी कलाकारों में उदासी देखा जा रहा है ।
सरायकेला खरसावां जिला की बात हो या पश्चमि सिंहभूमं जिले की बात हो कोरोना काल मे कहीं भी बड़ा आयोजन नही हुआ है लगता है अब कलाकारों की घुंघरुओं व वाद्ययंत्रों में जंग लग सकती है ऐसी चर्चा भी होने लगी है पूरे कोल्हान की बात की जाय तो कलाकारों को बड़ा प्लेटफार्म या मंच अब नही मिल रहा है बड़ा मंच की बात जब भी होती है कलाकारों के बीच विधायक सुखराम उरांव की चर्चा सबसे पहले होती है चूंकि सबसे बड़ा फ्लेटफार्म के तहत विशाल आयोजन इन्ही के द्वारा की जाती थी पर वह भी अब रुक गई है कोल्हान के अलावे इनके कार्यक्रम में ओड़िसा ,बंगाल व झारखण्ड के विशेष कर राँची व खूंटी जिले के कलाकारों की भागीदारी भी होती है यानी एक प्रकार से हम कह सकते है की कलाकारों व कलाप्रेमी दर्शकों में भी कोरोना ने उदासी छा रखी है ।इधर इस बात की चर्चा होने लगी है कि यदि कोरोना से बड़ी राहत मिल गई तो यानी सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दिशुम गुरु शिबू सोरेन का जन्मोउत्सव पर कलाकारों को बड़ा मंच मिल सकता है उसी दिन शहीद सांसद सुनिल महतो का भी जन्म दिन है । ऐसी चर्चा कलाप्रेमी विधायक सुखराम उरांव एंड टीम चर्चा हो रही है परंतु यह तभी संभव हो पायेगा जब सब कुछ ठीक ठाक रहा । हाल ही में सम्पन्न दशहरा पर्व के बीच यह चर्चा कुछ अधिक ही होने लगी क्योंकि दशहरा विधायक सुखराम उरांव द्वारा बड़ा आयोजन होता रहा है यह भी बन्द पड़ा है ।