वैश्विक महामारी कोरोना पर नियंत्रण को लेकर डीसी ने की अधिकारियों संग बैठक

गुमला: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के मद्देनजर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय प्रकोष्ठ में किया गया। बैठक में उपायुक्त ने गुमला जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के समुचित ईलाज पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ऐसे मरीजों के उच्चतम ईलाज हेतु आईसीयू एवं वेंटिलेटर को क्रियाशील करने की आवश्यकता बताई। इसपर डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा वेंटिलेटर के संचालन हेतु 07 सदस्यों की टीम का गठन कर लिया गया है। उक्त टीम को आगामी 12 मई से राँची में होने वाले 07 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में वेंटिलेटर संचालन की बारीकियों का प्रशिक्षण लेने हेतु भेजा जाएगा। ये टीम प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् जिले में वेंटिलेटर संचालन हेतु चिन्हित अन्य चिकित्सकों एवं तकनीकि सहायकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसपर उपायुक्त ने प्रशिक्षण के लिए जाने वाले टीम को अच्छे से वेंटिलेटर संचालन की तकनीकि बारीकियों का प्रशिक्षण प्राप्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उपायुक्त ने जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के ईलाज में सहायक वेंटिलेटर के संचालन में उपयुक्त आश्यक उपकरणों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि वर्तमान में जिलें में 06 वेंटिलेंटर युक्त बेडों में से 05 बेडों के लिए वेंटिलेटर के संचालन हेतु उपकरण उपलब्ध हैं। इसपर उपायुक्त ने पाँचों बेडों का वेंटिलेटर की उपलब्धता संबंधी प्रमाण पत्र तैयार करते हुए प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया। इस संबंध में उप विकास आयुक्त ने वेंटिलेटर के संचालन हेतु उपलब्ध उपकरणों एवं आवश्यक उपकरणों का चेकलिस्ट तैयार कर जिलास्तरीय क्रय समिति के माध्यम से क्रय करने का निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने सदर अस्पताल में अवस्थित जिला कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के ईलाज हेतु अधिकतम बेडों का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही अपर समाहर्त्ता ने सदर अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं स्वास्थ्य उप केंद्रों में कोरोना संक्रमित मरीजों के बेहतर ईलाज के दृष्टिकोण से पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसपर उपायुक्त ने आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक दवाओं को क्रय करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में अवस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोविड-19 उपचार में सहयोगी कौन-कौन सी दवाएं कितनी मात्रा में उपलब्ध हैं, इसका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रवार प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य उप केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा अबतक कोविड-19 उपचार हेतु वितरित किए गए दवाओं की जानकारी भी प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया।

अपर समाहर्त्ता ने जिलांतर्गत कोरोना संक्रमण से प्रभावित सौम्य, मध्यम, गंभीर मरीजों एवं कोरोना संक्रमण से प्रभावित बच्चों के उत्तम ईलाज में उपयुक्त दवाओं की सूची सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने सभी सहिया, एनएम नर्स, आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं तथा जेएसएलपीएस की दीदीयों के माध्यम से जिले के सभी गाँव में इन दवाओं का किट उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को कोविड-19 उपचार में सहायक सभी आवश्यक दवाओं की सूची 953 गाँवों के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने जिले में उपलब्ध ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर की जानकारी प्राप्त की। डीपीएम द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 31 कंसन्ट्रेटर उपलब्ध हैं तथा सभी क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त और 50 कंसन्ट्रेटर की मांग स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई है। इसपर उपायुक्त ने ऑक्सिजन कंसन्ट्रेटर क्रय करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर समर्पित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने टीकाकरण की अद्यतन स्थिति तथा प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंटलाईन कर्मियों को दिए गए प्रथम एवं द्वितीय डोज की जानकारी भी प्राप्त की। स्वास्थ्य कर्मियों की जानकारी साझा करते हुए डीपीएम स्वास्थ्य ने बताया कि जिले में 8155 पंजीकृत स्वास्थ्य कर्मी हैं। जिनमें से 1633 सहिया हैं। 1633 में से 1531 सहियाओं ने टीकाकरण का पहला डोज ले लिया है। 1391 सहियाओं ने टीकाकरण का दूसरा डोज ले लिया है। जबकि 102 गर्भवती/ धात्री व बीमार महिलाएं हैं, जिन्होंने टीकाकरण का कोई भी डोज नहीं लगवाया है। इसके अतिरिक्त शेष 140 सहिया का टीकाकरण होना अभी बाकी है। इसपर उपायुक्त ने 140 सहिया की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सेविका एवं सहायिकाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में कुल 3101 सेविका एवं सहायिकाएं हैं। जिसमें से 2953 सेविका/ सहायिकाओं ने टीकाकरण का पहला डोज लिया है। वहीं 2898 ने टीकाकरण का दूसरा डोज लिया है। 148 ने टीकाकरण का एक भी डोज नहीं लिया है। जिसमें से 142 महिला गर्भवती, धात्री व बीमार हैं। 55 ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी द्वितीय डोज लेने की अवधि अभी बाकी है व 06 अन्य लाभार्थियों के राज्य से पलायन करने के कारण उनका टीकाकरण संभव नहीं हो सका है। वहीं डीपीएम जेएसएलपीएस ने फ्रंटलाइन कर्मियों के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि 304 कर्मियों में से 260 ने प्रथम डोज तथा 185 ने दूसरा डोज लिया है। इसपर उपायुक्त ने शेष बचे हुए स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंटलाईन कर्मियों जिन्होंने प्रथम डोज अथवा द्वितीय डोज या दोनों डोज अबतक नहीं लिया है, उन्हें शीघ्र टीकाकरण का दोनों डोज लगवाने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने जिले में उपलब्ध कुल ऑक्सिजन सिलंडरों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि वर्तमान में कुल 175 ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। इसपर उपायुक्त ने कोरोना संक्रमण से प्रभावित गंभीर मरीजों के निर्बाध एवं समुचित ईलाज हेतु प्रतिदिन ऑक्सिजन सिलिंडरों को रिफिल करवाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर और ऑक्सिजन सिलिंडर संधारित करने पर भी जोर दिया।

गुमला जिलांतर्गत कोरोना संक्रमित मीरजों को गुणात्मक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के दृष्टिकोण से उपायुक्त ने एक हेल्पडेस्क अधिष्ठापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने हेल्पडेस्क में उचित संचार हेतु टेलीफोन भी संधारित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर की नियमित साफ-सफाई तथा सैनेटाईजेशन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

उपायुक्त ने प्रतिदिन आरटीपीसीआर, ट्रूनेट तथा रैपिड ऐन्टिजेन टेस्ट किट के माध्यम से किए जाने वाले कोरोना जाँच की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर सभी प्रखंडों में अधिक से अधिक संख्या में कोरोना जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. विजया भेंगरा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, डीपीएम स्वास्थ्य जया रेशमा खाखा, डीपीएम जेएसएलपीएस मनीषा सांचा व अन्य उपस्थित थे।