वात्सल्यधाम, वन स्टॉप सेंटर तथा स्वधार गृह का उपायुक्त ने किया निरीक्षण

वात्सल्य धाम में रह रहे बच्चों के उज्जवल भविष्य हेतु उपायुक्त ने दी शुभकामनाएं

वन स्टॉप सेंटर का संचालन नवनिर्मित भवन में जल्द से जल्द करें शुरू: माधवी मिश्रा
रामगढ़। शनिवार को उपायुक्त माधवी मिश्रा ने रामगढ़ जिला अंतर्गत छतर मांडू स्थित वातसल्यधाम एवं सखी वन स्टॉप सेंटर तथा टायर मोड़ के समीप स्थित स्वाधार गृह का निरीक्षण किया।

उपायुक्त ने वात्सल्यधाम में बच्चों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उपायुक्त ने वात्सल्यधाम में बच्चों के लिए बनाए गए एक्टिविटी रूम, डाइनिंग रूम तथा भवन में उपलब्ध कमरों आदि का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

उपायुक्त ने बच्चों के साथ वार्ता करते हुए उन्हें वात्सल्यधाम में मिल रही सुविधाओं तथा उनके शिक्षा आदि के संबंध में जानकारी लेते हुए उज्जवल भविष्य हेतु बच्चो को शुभकामनाएं दी।

वात्सल्यधाम के निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने छतरमांडू स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया।उपायुक्त ने सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को एक ही स्थान पर अस्थाई आश्रय, पुलिस, विधिक सहायता, चिकित्सा एवं काउंसलिंग की सुविधा आदि उपलब्ध कराने हेतु उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए नवनिर्मित भवन का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने टायर मोड़ के समीप स्थित स्वाधार गृह का निरीक्षण किया। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित स्वाधार गृह के तहत कठिन परिस्थिति में गुजर-बसर कर रही महिलाओं के पुनर्वास के लिए बनाए गए आश्रय गृह में वर्तमान में रह रही महिलाओं एवं उन्हें मिल रहे लाभ की जानकारी लेते हुए। इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं को देने के संबंध में उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिरकी को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

क्या है स्वाधार गृह: भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वकांक्षी योजना है । जिसकी शुरूवात 01 जनवरी 2016 में की गयी ।उक्त योजना के अन्तर्गत कठिन परिस्थिति में गुजर – बसर कर रही महिलओं के पुनर्वास के लिए एक आश्रय गृह है , जिसमें महिलाएं अपना जीवन गरिमा के साथ व्यतित कर सकें।

स्वाधार गृह योजना में आश्रय , भोजन, कपड़े और स्वास्थ्य के साथ – साथ उक्त महिलाओं के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की योजना है।

स्वाधार गृह योजना हेतु लाभुक ( Beneficeries )
स्वाधार गृह योजना 18 वर्ष से उपर की आयु से लेकर 60 वर्ष की महिलाओं के लिए है । ( 18+ से 60 वर्ष आयु वर्ग )

घरेलु हिंसा से पीड़ित महिला अधिकतम 1 वर्ष तक रह सकती है ।

अन्य जरूरतमन्द महिलाएँ अधिकतम 3 वर्ष तक रह सकती है।

55 वर्ष से उपर आयु की महिलाएं अधिकतम 5 वर्ष तक रह सकती है । 60 वर्ष के उपरांत उन्हें वृद्धा आश्रम में स्थानंतरित किया जाना है ।

नोट- पीड़ित महिलाओं के साथ 0-18 वर्ष तक की लड़की अपनी माँ के साथ रह सकती है ।

स्वाधार गृह में उपलब्ध सुविधाएँ

भोजन , कपड़ा , चिकित्सीय सुविधा आदि के साथ अस्थायी आवासीय आवास प्रदान करना ।

परामर्ष , व्यवहार , प्रषिक्षण मार्गदर्षन , विधिक सहायकता आदि ।

घरेलु हिंसा से पीड़ित परिवारिक तनाव , वैवाहिक विवादों , प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित तथा बेघर महिलाओं को आश्रय सहायता प्रदान करना ।

महिलाओं के आर्थिक पुनर्वासा के लिए व्यवसायिक और कौषल विकास प्रषिक्षण प्रदान करना।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से तथा जिला प्रशासन , रामगढ़ के अधीन स्वयं सेवी संस्था “गंगा तटीय” द्वारा संचालित किया जा रहा है।

स्वाधार गृह में 30 महिलओं हेतु अस्थायी आवासीय आवास की व्यवस्था की उपलब्ध है।

वन स्टॉप सेन्टर

वन स्टॉप सेंटर अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थाई आश्रय, पुलिस, विधिक सहायता,चिकित्सा एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदान करना है। पीड़ित महिला एवं बालिका को तत्काल आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराना जैसे चिकित्सा, विधिक, मनोवैज्ञानिक परामर्श आदि भी इसमें शामिल है। इस अवसर पर नागेंद्र कुमार सिन्हा डॉ असीम कुमार कनक कुमारी तिर्की उपस्थित थे।