चतरा अनुमंडल के कान्हाचट्टी व इटखोरी प्रखंड में अलग-अलग नियम व कानून

एक में जहां प्रतिबंधित क्षेत्र में विवाह करने पर नियम पढाकर भगा दिया जाता है, इटखोरी में बीडीओ द्वारा सीधे तौर पर एफआईआर करा दी जाती है
चतरा। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को सरकारी आदेश के आलोक में चतरा जिले के सदर अनुमंडल क्षेत्र के इटखोरी व कान्हाचट्टी में अलग-अलग नियम व कानून चलता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 28 मई को कान्हाचट्टी प्रखंड कार्यालय के समीप सयाल बगीचा स्थित मंदिर परिसर में भारी संख्या में लोग कोविड 19 के नियमों का उलंघन कर विवाह कराने पहुंचे थे और विवाह भी संपन हुआ, इसी दौरान प्रशान को सूचना मिली तो सभी को सरकारी दिशा-निर्देश व नियम का पाठ पढ़ाते हुए खदेड़ा गया, जिसका फोटो व समाचा विभिन्न समाचार पत्रों में छपा और शोसल मीडिया में भी वायरल हुआ। जबकी सयाल बगीचा जिस स्थान पर विवाह समारोह आयोजित हो रहा था उसी परिसर में कुछ ही दुरी पर प्रखंड व अंचल कार्यालय है। वहीं दुसरी ओर इटखोरी प्रखंड में अपने फर्ज का निर्वहन बीडीओ विजय कुमार द्वारा 21 मई को पत्रकार अनांद कुमार के द्वारा अपने गांव क्षेत्र में भीड़ से दुर चंद लोगों के साथ सादे तौर पर विवाह करने पर कार्यक्रम में विघ्न डालते हुए मौजूद लोगों के नाम पुछताछ करने के बाद पत्रकार सहित 18 लोगों के विरुद्ध नाजद एफआईआर विभिन्न घाराओं में बगैर समय गंवाए करा दिया। जिसकी निंदा भाजपा के उज्जवल दास, सतीश सिंह, आजसू नेता सुधीर साव व पत्थलगडा आजसू प्रखंड अध्यक्ष लेखराज टाईगर आदि ने किया है। साथ ही उपायुक्त से जांच कर पत्रकार के विरुद्ध एकतरफा कार्रवाई की जांच कराने की भी मांग की है। ज्ञात हो कि पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई के बाद किसी भी विवाह समारोह की ना ही जांच की गई और ना ही कार्रवाई की गई, जबकी दर्जनों विवाह समारोह आयोजित इटखोरी प्रखंड मुख्यालय सहित विभिन्न गांवों में हुए। पूर्व में इटखोरी बीडीओ द्वारा पत्रकार पर जहां एकतरफा कार्रवाई की चर्चा जोरों पर थी, वहीं आब एक ही जिले के एक ही अनुमंडल क्षेत्र में अलग-अलग तरह से कार्रवाई करने की चर्चा जोरों पर है। अब देखना दिलचस्प होगा की इन दोनो मामले में विरीय अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं।

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