दिव्यांगों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत पर बर्दाश्त नहीं किया : निःशक्तता आयुक्त

राज्य स्तरीय दिव्यांग जन जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

रांची: आज प्रशिक्षित विशेष शिक्षक संघ एवं अभिभावक संघ के संयुक्त तत्वाधान में राज्य स्तरीय दिव्यांग जन जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के निःशक्तता आयुक्त सतीश चंद्र एवं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एस एन मुंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में सीआरसी झारखंड के निदेशक जितेंद्र यादव उपस्थित थे. श्री चंद्रा ने कहा कि संपूर्ण राज्य के दिव्यांगज के लिए राज्य सरकार के द्वारा दिव्यांगजन निधि कैबिनेट से पास की गई है, जिसके माध्यम से आप दिव्यांग बच्चों के शिक्षण के लिए 50 हजार रूपये एवं आजीविका उपार्जन के लिए 1 लाख रूपये अनुदान स्वरूप देने का प्रस्ताव पास किया गया है. साथी दिव्यांग जनों की शिकायत निवारण हेतु जिला स्तर पर शिकायत निवारण समिति का गठन किया गया है. दिव्यांग जनों के शिकायत जिला स्तर पर 5 सदस्य कमेटी को प्राप्त होगा, जो राज्य निःशक्तता कार्यालय के निर्देश पर सभी संबंधित अधिकारियों को कार्य को निर्देशित किया जाएगा. दिव्यांगों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अगर कोई पदाधिकारी दिव्यांगों के प्रति और संवेदनशीलता दिखाते हैं तो उनके ऊपर हम कार्रवाई करेंगे। आपका दुख दर्द हमारा दुख दर्द है हमारे किसी भी दिव्यांगजन को कोई तकलीफ होती है इसका सीधा असर राज्य की सरकार पर पड़ता है आपके लिए हमारा कार्यालय एवं हमारे कार्यालय के अधिकारी हमेशा तत्पर हैं निः संकोच हमसे संपर्क करें विशिष्ट अतिथि सीआरसी के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि हमारा कार्यालय दिव्यांग जनों के लिए हमेशा तत्पर है सभी जिलों में लगातार कैंप के माध्यम से सरकार की योजनाओं की जानकारी एवं कृत्रिम अंग के साथ-साथ सहायक उपकरणों का वितरण हेतु मापदंड की क्रिया समाप्त की है बहुत जल्द सभी उपकरणों को वितरित कर दिया जाएगा साथी मानसिक रूप से ग्रसित किसी भी व्यक्ति के लिए टोल फ्री नंबर के माध्यम से शिकायत सुनकर संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं बेहतर इलाज हेतु डॉक्टर के पास भेजा जायेगा ।कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने कहा कि दिव्यांग जनों को सशक्त करने की आवश्यकता है उनके अधिकारों को संरक्षित करने की आवश्यकता है आज के समय में उन्हें सहानुभूति नहीं अनुभूति की आवश्यकता है शिक्षा के क्षेत्र में जो भी मानक दंड सरकार के द्वारा तय है नामांकन में 5% वह प्रक्रिया हम अपने विश्वविद्यालय में पूर्ण करते हैं और हमारी कोशिश होती है कि हमारे विश्वविद्यालय में किसी भी दिव्यांग को कोई असुविधा ना हो अतिथि स्वरूप उपस्थित डॉ वीरेंद्र कुमार महतो ने कहा कि दिव्यांगता के क्षेत्र में अभी बहुत काम करना बाकी है आज भी दिव्यांग जनों को तिरस्कार की दृष्टि से देखा जाता है समाज में जो मानसिकता बनी हुई है इसे तोड़ने की आवश्यकता है विज्ञान आज के समय में बहुत आगे बढ़ गया है दिव्यांगों के लिए हर वह सहायक उपकरण उपलब्ध हो रहा है जिसके माध्यम से वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में किसी भी स्तर पर कम नहीं है उन्हें सिर्फ अवसर की तलाश है यहां जितने भी दिव्यांगजन बैठे हुए हैं वह अपने आप में सर्वश्रेष्ठ हैं संपूर्ण झारखंड में दिव्यांग जनों के लिए कोई दिव्यांगजन ही आगे आकर काम कर उनके लिए सरकारी सुविधाओं का उपलब्ध कराना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है आज के इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश कंचन झारखंड डिसएबल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव 18 अली शमशेर राही जाहिद अंसारी जलेश्वर महतो संदीप कुमार निखिल कुमार मधुर निखिल कुमार शत्रु कुमार जनक कुमार महतो परमानंद कुमार परमेश्वर कुमार विजय कुमार विश्वनाथ कुमार सुमंत कुमार मंडल शशिप्रभा सोरेन पंकज कुमार सुमंत कुमार छत्रु महतो अदिति कुमारी रेणु बड़ाईक, सीता मुंडा, राधिका कुमारी, सुमन कुमारी पूजा प्रभा ,उषा देवी,स्वेता कुमारी,सुनम कुमारी रतला कुमारी रीमा साहू ,मुकेश शैलेन्द्र कुमार, सुखदेव महतो, अजय महतो सहित सैकड़ों दिव्यांगजन अभिभावक एवं प्रशिक्षित विशेष शिक्षक उपस्थित थे. कार्यक्रमका संचालन पोवेल कुमार ने की.

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