जयंती पर याद किए गए जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी

गोड्डा: भाजपा नगर अघ्यक्ष गप्पू सिन्हा के नेतृत्व में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी जयंती पुष्प अर्पित कर मनाई गई। इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनको याद करते कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी पहले शख्स थे, जिन्होंने जम्मू कश्मीर में धारा 370 का विरोध किया था और इस कारण वे जेल गए थे या संदिग्ध परिस्थिति में उनकी मौत हो गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जिस भारत की स्थापना में लगी है, वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ही सपनों का भारत है। उनके कई सपने आज साकार हो रहे हैं।
श्री सिन्हा ने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी का जन्म कोलकाता में 6 जुलाई 1901 को बंगाल के उच्च प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता आशुतोष मुखर्जी महान अकादमी और बैरिस्टर थे, जिन्हें बंगाल का बाघ कहा जाता था। उनकी माता जोगमाया देवी भी उस समय की सबसे विदुषी महिला में थी। अपने पिता की तरह ही श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी लॉ की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया। 23 साल की उम्र में उन्होंने लॉ की डिग्री पास की। सिर्फ 33 साल की उम्र में वे कोलकाता यूनिवर्सिटी के सबसे युवा वाइस चांसलर बन गए। यह रिकॉर्ड आज तक किसी ने नहीं तोड़ा है।
स्वतंत्रता आंदोलन में मुखर्जी ने भारत छोड़ो आंदोलन का बहिष्कार किया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी शुरुआत से ही कश्मीर में धारा 370 के खिलाफ थे। उनका मानना था कि इससे देश की अखंडता को धक्का लगेगा और देश की एकता में बाधक होगा। कश्मीर जाने के लिए उस समय लोगों को परमिट लेना होता था। इसका विरोध करते हुए वह कश्मीर पहुंचे। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सिर्फ 51 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर मुखर्जी का सपना था कि कश्मीर में धारा 370 समाप्त किया जाए।
मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव मेहता , पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश झा , भाजपा जिला सोशल मीडिया प्रभारी राजेश भगत, भाजपा नगर अध्यक्ष गप्पू सिंहा , किसान मोर्चा के महामंत्री पवन झा, महिला मोर्चा की महामंत्री सरिता दुबे , नगर महामंत्री प्रेमजीत ,अमित कश्यप , सुमित राज, आदित्य राज , मनीष कुमार,अजय कुमारएवं अन्य भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित थे।