खून की कमी से गीता चल भी नहीं सक रही थी इलाज कराने आगे आया होता फाऊण्डेशन

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर: चक्रधरपुर दंदासाई राजा बगान की गीता बोदरा पिता सेलाय बोदरा उम्र 17वर्ष क्लास 09 मे पढ रही है । लगभग आठ महीने पहले उसके दोनो पाँव मे दर्द होने लगा था और एक महीना से चलने फिरने भी नही पा रही थी । झाड फूंक से करा रही थी इलाज नही हुआ कोई लाभ , गीता के शरीर मे बांधे गये रस्सी का दाग अबतक नही मिटा है । इस बात की जानकारी पूर्व वार्ड पार्षद अरूण साव ने सुमिता होता ने फाऊण्डेशन के अध्यक्ष सदानन्द होता बताया । जब गीता बोदरा को अनुमडंल अस्पताल मे डाक्टर को दिखाया गया तो उन्होंने ब्लड जाँच कराकर रिपोर्ट लेकर आने को कहा । सदानन्द होता ने आज ब्लड जाँच कराकर अस्पताल लेकर पहुंचे गीता बोदरा के साथ उसके माता दिपीका बोदरा समाजसेवी अभिजीत भट्टाचार्य एवं शंकर चौधरी भी अस्पताल पहुंचे थें । डाक्टर ने कहा कि गीता बोदरा का हेमोग्लोबिन पाँच है उसको खून चढाने की जरूरत है । सदानन्द होता ने बीना देर चाईबासा ब्लड बैंक से खून का व्यवस्था कराया ।