मुख्यमंत्री को यदि प्रतिपक्ष का कोई नहीं पसंद आ रहा तो वें अपने रिश्तेदार को ही नेता प्रतिपक्ष बना दें: बाबूलाल

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा: भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि डेढ़ वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी अबतक झारखंड में नेता प्रतिपक्ष का मामला नहीं सुलझ सका है. मुख्यमंत्री को यदि कोई भी व्यक्ति नेता प्रतिपक्ष के रूप में पसंद नहीं है तथा उन्हें कोई योग्य नजर नहीं आ रहा है तो वह अपने किसी रिश्तेदार को ही नेता प्रतिपक्ष बना दें. क्योंकि उनके परिवार में विधायक की कमी नहीं है. भाई, भाभी समेत कई लोग विधायक हैं. उनमें से ही किसी का चयन नेता प्रतिपक्ष के रूप में कर दें.भाजपा विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को गढ़वा परिसदन भवन में मीडिया से वार्ता करने के दौरान ये बातें कही .

राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमंत सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है. स्थिति ऐसी उत्पन्न हो गई है कि भ्रष्टाचारी को पकड़ने के लिए पहुंची एसीबी की टीम के साथ ही मारपीट की जाती है तथा भ्रष्टाचारी को बचा लिया जाता है. राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. पुलिस पदाधिकारियों को वसूली में लगा दिया गया है. खनिजों की चोरी कराई जा रही है. मंत्री से लेकर संतरी तक सब भ्रष्टाचार में डूबे हैं. बालू की लूट में मंत्री की संलिप्तता भी सामने आ रही है. यह सब हिम्मतवाली हेमंत की सरकार में ही संभव है. कहा कि चोरी और वसूली के नए-नए तरीके खोजे जा रहे हैं.
दो साल में इस सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया. लोगों को रोजगार देने की बजाय उन्हें नौकरी से हटाया जा रहा है. अनुबंध कर्मियों का भी विस्तार नहीं हुआ. यहां अराजक स्थिति है. सहायक पुलिसकर्मी आंदोलन कर रहे हैं तो उन्हें भी प्रताड़ित किया जा रहा है. आंदोलन स्थल की बिजली काट दी जा रही है तथा शौचालय भी बंद कर दिया जा रहे हैं. किसानों को हक नहीं मिल रहा. अब किसान चिंतित हैं कि नई फसल कहां बेचेंगे. राज्य में अपराध अपहरण, चोरी, डकैती का धंधा चल रहा है.
पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, बालमुकुंद सहाय, सांसद विष्णु दयाल राम, विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी, अलखनाथ पांडे, राजीव रंजन तिवारी, संतोष दुबे, सुरेंद्र विश्वकर्मा, रिंकू तिवारी, जवाहर पासवान, सूरज गुप्ता, राजकुमार मद्धेशिया आदि उपस्थित थे.