पोषण माह को सफल बनाने में सभी विभागों में आपसी समन्वय होना अनिवार्य : उपायुक्त

पोषण अभियान के तहत 01 से 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान विभिन्न विभागों में समन्वय स्थापित कर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन हेतु बैठक संपन्न

गुमला : पोषण अभियान योजना के तहत 01 सितंबर से 30 सितंबर तक चलने वाले पोषण माह के दौरान विभिन्न विभागों में समन्वय स्थापित कर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन हेतु उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आईटीडीए भवन के सभागार में किया गया।

उपायुक्त ने जिलांतर्गत सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका, सहिया एवं एएनएम के द्वारा बच्चों के वजन एवं ऊंचाई मापन हेतु उपलब्ध उपकरणों की समीक्षा कर जानकारी प्राप्त की गई। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के 1670 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के वजन, लंबाई एवं ऊंचाई के मापीकरण हेतु उपलब्ध उपकरणों की वस्तुस्थिति की जाँच कर ली गई हैउन्होंने बताया कि 1670 में से 43 आंगनबाड़ी केंद्र ऐसे हैं जहाँ वजन मापीकरण उपकरण नहीं है। जिसके लिए विभाग को नए उपकरण मुहैया कराने हेतु रिक्विजिशन भेजी गई है।

बैठक में उपायुक्त ने पोषण माह के तहत किशोरियों के लिए अनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत टी-03 (टेस्ट, ट्रीट एण्ड टॉक) शिविर का आयोजन कर हिमोग्लोबिन स्तर का जाँच एवं गंभीर अनीमिया से ग्रसित लाभार्थियों की सूची तथा अनीमिया मुक्त भारत के आलोक में ऐसे लाभार्थियों क उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिया। साथ ही उन्होंने कक्षा 09 से 12वीं की किशारियों को विद्यालय में तथा शेष किशोरियों को सीआरपी के माध्यम से गृह भ्रमण कर उन्हें उनकी हिमोग्लोबिन स्तर का जाँच सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यक दवाईयाँ भी उपलब्ध कराने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया। इसके साथ ही उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों विशेषकर जिले के 10 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय एवं आवासीय विद्यालयों में पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों, पोषण क्विज, पोषण रैली आदि का आयोजन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आंत्रित कर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन हेतु रूपरेखा तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया।

पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका का अधिष्ठापन एवं दीदी बाड़ी योजना के समन्वय के संबंध में उपायुक्त ने जिलांतर्गत वैसे आगनबाड़ी केंद्र जिनके पास उपलब्ध भूमि है, वहाँ पर दीदी बाड़ी योजना को क्रियान्वित करने का निर्देश जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को दिया। इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में विकसित किए जाने वाले पोषण वाटिका की उचित देखरेख, बाड़े एवं फेंसिंग की व्यवस्था सहित पोषण युक्त पौधों, साग-सब्जी फलों की देखभाल करने का भी निर्देश दिया।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनीमिया मुक्त भारत अभियान अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की। इसपर सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि गर्भवती महिलाओं में खून की कमी को रोकने के लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा 360 टैबलेट मुहैया कराया जाता है। जिसमें से 180 टैबलेट गर्भावस्था के दौरान व शेष 180 टैबलेट प्रसव के पश्चात् उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही एएनएम एवं सहिया के द्वारा नवजात शिशुओं के लिए गृह भ्रमण कर ओआऱएस पैकेटों का वितरण कराया जा रहा है।

योग एवं पोषण के लिए आयुष चिकित्सालय द्वारा गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं किशोर-किशोरियों जैसे विभिन्न समूहों के लिए लक्षित योग सत्र आयोजन किया जाना है। इसपर प्रभारी जिला आयुष पदाधिकारी डॉ.परमहंस प्रसाद द्वारा बताया गया कि वर्तमान में आयुष चिकित्सालय के 09 प्रशिक्षकों की प्रतिनियुक्ति आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न समूहों को योगा-प्राणायम आदि का परशिक्षण देने हेतु किया गया है। इसपर उपायुक्त ने पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण का कार्य सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने इस संबंध में तिथिवार आंगनबाड़ी कंद्रों में किए जाने वाले प्रशिक्षण का कार्यक्रम तैयार कर समर्पित कराने का भी निर्देश दिया।

इसके पश्चात् बैठक में उपायुक्त द्वारा जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा पोषण अभियान से संबधित डॉक्यूमेंट्री वीडियो का विमोचन किया गया।

उपस्थिति: बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ.राजू कच्छप, उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, प्रभारी जिला आयुष पदाधिकारी डॉ.परमहंस प्रसाद, डीस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर यूनिसेफ अपूर्वा सेन, एचटीएफ जिदान प्रियंका ग्रेवाल, नीति आयोग के आशीष प्रसाद, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका, सेंटर फॉर कैटेलाईजिंग चेंज/सेव द चिल्ड्रेन/ कृषि विज्ञान केंद्र गुमला/ विकास भारती बिशुनपुर के प्रतिनिधि व अन्य उपस्थित थे।