सीएम के वीडियो कांफ्रेंसिंग में सुखराम ने रखे अहम सुझाव जिला में लगे RTPCR जांच लैब, सिटी स्कैन की हो व्यव्यस्था

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर : मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में फैल रहे कोरोना संक्रमण पर जनप्रतिनिधियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षात्मक बैठक की। जिस पर केंद्रीय मंत्री, सभी झारखंड सरकार के मंत्री, सांसद और विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्या को रखते हुए सुझाव भी दिये। अपना बारी आने पर चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न हालात को रखते हुए सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में दवाओं और रेमेडीसीवर इंजेक्शन की जोरो से कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने कहा कि पेरासिटामोल की 6 टेबलेट का दर 60 रुपए के बजह 600 रुपये गरीबों से लूटे जा रहे हैं। यह सब गैर लाईसेंसी दवा दुकानों द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावे रेमेडीसीवर इंजेक्शन पर भी कालाबाजारी हो रहे है। यह दवा हर कोविड पॉजिटिव मरीज को जरुरत नहीं पड़ाता है। लेकिन प्राईवेट अस्पताल में मरीजों के भर्ती करने से रेमेडीसीवर इंजेक्शन मंगवाने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा घटना सरायकेला खरसावां की एक निजी अस्पताल द्वारा किया गया था। जब डॉक्टर से इंजेक्शन की जरुरत पर लिखित मांगा गया तो वह टाल दिया। श्री उरांव ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि दवाओं और इंजेक्शन की कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा निगरानी रखने को लेकर कारगर कदम उठाया जाए। वहीं बिरसा जीवन आयुष किट को बांटने का फार्मूला तय हो। क्योंकि कीट के माध्यम से ही कालाबाजारी खत्म होगा।

विस क्षेत्र की स्थिति है खराब, यहां 70 प्रतिशत ग्रामीण बुखार, सर्दी, खासी से पीड़ित

विधायक श्री उरांव ने कहा कि कोरोना महामारी की आंकड़ों से भी चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति हकीकत में भयावह है। यहां वर्तमान में 490 कोरोना पॉजिटिव की नयी मामले हैं। जिनमें से 330 एक्टीव केस है। 145 लोग ठीक हो चुके हैं। जिसमें 25 की मौत हुई है। जबकि ऑन रिकोर्ड 100 से भी ज्यादा की मौत हो चुकी है। लोग अस्पताल जाना नहीं चाहते हैं। ना ही यहां के लोग कोविड टेस्ट करा रहे है। अफवाहों के कारण वैक्सीन भी लेना नहीं चाह रहे हैं। मौत की खबर लोग छीपाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसे छीपा रहे है। कोविड को अछूता बीमारी मान रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में 70 प्रतिशत लोग बुखार, सर्दी, खासी से पीड़ित है।

हर जिले में हो आरटीपीसीआर जांच की व्यवस्था, चाईबासा में सीटी स्कैन की व्यवस्था करें

विधायक श्री उरांव ने मुख्यमंत्री से मांग किया कि हर प्रखंड में कोविड जांच की व्यवस्था किया जाए। ताकि लोगों को सेम डे पर रिपोर्ट मिले। उन्होंने कहा कि हर जिले को आरटीपीसीआर से जांच करने की व्यवस्था करें। चाईबासा जिले में डीएमएफटी फंड की व्यवस्था है। यहां सीटी स्कैन लगवाया जाए।

कोविड काल में ग्रामीण चिकित्सा संघ से सहयोग लिया जाय

श्री उरांव ने मुख्यमंत्री से कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग ना ही कोविड टेस्ट करा रहे हैं और ना ही वैक्सीन ले रहे है। ऐसे में स्थिति ओर भयावह हो जाएगा। उन्हें जागरुक करने तथा कोविड काल में सहयोग के लिए ग्रामीण चिकित्सा संघ को लगाया जाए।

कोरोना को नियंत्रण के लिए कोविड सेंटर बनाया जाए

विधायक ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद लोगों को घरों में रखना सबसे ज्यादा नुकसान है। इससे परिवार में संक्रमण फैल रही है। समय पर टीमेंट नहीं हो पा रहा है। यदि कोविड सेंटर बना कर रखा जाए, तो संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *