क्षत्रिय महासभा समाज के लोगों के लिए उत्तरदायी: रणवीर

शंकर सुमन की रिपोर्ट
महागामा: क्षत्रिय महासभा, गोड्डा की मासिक बैठक महागामा प्रखंड के मध्य विद्यालय, सुकलचक मे गजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सबसे पहले सभी सदस्यों का परिचय कराया गया। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने अपनी बातों को प्रमुखता से रखा।
क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष रणबीर सिंह ने कहा कि संगठन समाज के लोगों के लिए पूरी तरह से उतरदायी रहेगा। लेकिन सदस्यों की भी जिम्मवारी होगी कि अपने गांव के लोगों के साथ भागीदार रहें और हर प्रकार की सूचना संघ तक पहुंचने का प्रयास करे।
सचिव शिवशंकर सिंह ने कहा कि संघ का निर्माण जिस उद्देश्य के लिए किया गया है उसे पूरा करने में सबों को आगे आना होगा। तभी हम सफल हो पायेंगे। संरक्षक विष्णु सिंह ने कहा कि 1989 से यह संगठन चल रहा है। अब युवाओं को इसकी जिम्मेदारी उठानी होगी। धीरज सिंह तोमर ने कहा कि हमारा इतिहास गौरव मय रहा है।हमने हमेशा देश और समाज के प्रति बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि आप अपनी पहचान को छुपाएं नहीं बल्कि उसे प्रमुखता से सामने रखें। संजीत कुमार सिंह ने कहा कि जिस भी व्यक्ति को जब भी अपने समाज को मदद या सहयोग करने का अवसर मिले तो आवश्यक रूप से उन्हें मदद करें। उपाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने कहा कि समाज हित के उत्थान में जिस भी प्रकार से सहयोग करने की आवश्यकता होगी हमेशा तत्पर रहेंगे। लालबहादुर सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा अपने उद्देश्य को पूरा करने सफल हो रही है। प्रणब सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को स्थापित करने की बात कही। बैठक मे निर्णय लिया गया कि बुधासन ग्राम के परिवार जिसको किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं मिल पा रही है, परिवार का राशन कार्ड तक नहीं बनाया जा रहा है जो काफी खेद का विषय है।उसकी पत्नी भी गंभीर बिमारी से परेशान है। वैसे परिवार को सहयोग करने की आवश्यकता है।इस पर विचार सामने आया और निर्णय लिया गया कि तीन अक्टूबर को क्षत्रिय महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल उस परिवार से मिलेगा और उसे सहयोग किया जाएगा। बैठक को बलवंत सिंह, धनंजय सिंह, प्रेम किशोर सिंह सहित कई लोगों ने संबोधित किया।संचालन लालबहादुर सिंह ने किया।बैठक मे मेहरमा, महागामा, ठाकुर गंगटी सीमावर्ती इलाकों से कहलगांव और पीरपैंती से क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित थे। बैठक मे सुदर्शन सिंह, रंजन सिंह, बासकी सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।