लोक समिति ने आयोजित किया शराबबंदी पर सम्मेलन

सरायकेला से भाग्य सागर सिंह की रिपोर्ट

सरायकेला। जिला लोक समिति द्वारा नव भारत जागृति केंद्र-हजारीबाग और जमनालाल बजाज फाउंडेशन-मुंबई के सहयोग से उत्कल मणि आदर्श पाठागार सरायकेला में शराबबंदी पर सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय लोक समिति अध्यक्ष गिरिजा सतीश ने शराब को व्यक्ति-परिवार-समाज-राज्य-देश के विकास में बाधक बतलाया और कहा कि इसकी वजह से हिंसा, लूट, बलात्कार, सड़क दुर्घटना, महिला प्रताड़ना जैसे अपराधों में भारी वृद्धि हुई है. इस मामले में हमें विदेशों से अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए क्योंकि वहां की जलवायु, सामाजिक बनावट, पीने का समय-तरीका आदि अलग है और उन देशों में पारिवारिक बिखराव के साथ मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है, ऐसा उनका विचार था. श्री कहा कि आज सरकार पंचायती राज व्यवस्था और धरातल पर लोगों के बीच काम करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करने की बजाय उनपर कानूनी बंदिशें थोप रही है, जिसके कारण लोक शक्ति कमजोर हो रही है. उन्होंने संपूर्ण भारत में शराबबंदी कानून लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को किसानों हेतु पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था करनी चाहिए.
इसके पहले विषय प्रवेश के क्रम में शंकर राणा (संयोजक, झारखंड प्रदेश लोक समिति) ने लोक समिति की ओर से वर्ष 2014 और 2017 में क्रमशः बिहार-झारखंड में शराब विरोधी यात्राओं की जानकारी देते हुए झारखंड में शराब विरोधी अभियान की अद्यतन प्रगति से लोगों को अवगत कराया. लोक समिति के राष्ट्रीय संयोजक कौशल गणेश आजाद ने कहा कि एक मजबूत और सुरक्षित समाज के लिए हमें शराबबंदी चाहिए. सरायकेला नगरपंचायत उपाध्यक्ष मनोज चौधरी ने स्वीकार किया कि शराब जनित दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र राज्य सरकार को शराबबंदी पर अवश्य पहल करनी चाहिए. जिला लोक समिति के प्रमुख सदस्य अंगूर महतो ने बताया कि संगठन के माध्यम से हमलोग शराब के खिलाफ जनजागरुकता का काम करते हैं लेकिन कानून का सहयोग नहीं मिलता है. पूर्व मुखिया गणेश गागराई ने समाज में शिक्षा प्रचार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शराबबंदी का समर्थन किया. करमू मार्डी ने एक मजबूत पंचायती राज व्यवस्था के तहत शराबबंदी का प्रावधान शामिल करने की मांग रखी, जबकि प्रखंड लोक समिति की लक्ष्मी ज्योति ने शराब के खिलाफ एक गीत प्रस्तुत करते हुए सामाजिक कानूनी पहल को जरूरी कहा. सम्मेलन में सौ से अधिक लोगों की
सहभागिता रही. इस शराबबंदी सम्मेलन की अध्यक्षता अंगूर महतो ने एवं मंच संचालन गुरुपदो महतो ने किया. इस अवसर पर जगत किशोर प्रधान, राजेश सिंह देव एवं राजाराम महतो सहित अन्य उपस्थित थे.