कुपोषण एक प्रकार का चक्र जिसे तोड़ने के लिए जागरूकता एवं जनसहभागिता बेहद जरूरी : माधवी मिश्रा

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत उपायुक्त की अध्यक्षता में हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
जिला स्तरीय कार्यक्रम में हस्ताक्षर अभियान, अन्नप्राशन, गोद भराई सहित अन्य कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

रामगढ़ से वली उल्लाह की रिपोर्ट
रामगढ़: पूरे देश में सितंबर के महीने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। शनिवार को रामगढ़ शहर अंतर्गत गुरु नानक पब्लिक स्कूल में उपायुक्त रामगढ़ माधवी मिश्रा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उपायुक्त माधवी मिश्रा, उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा एवं अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद जावेद हुसैन जिला स्तरीय अधिकारियों का पौधा देकर स्वागत किया गया ।जिसके उपरांत उनके द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत रूप से शुभारंभ किया गया।
उपायुक्त माधवी मिश्रा ने कहा कि हर वर्ष सितंबर के माह को पूरे देश में राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जाता है विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को पोषण संबंधित महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने का कार्य किया जाता है। पोषण माह मनाने का उद्देश्य मुख्य रूप से लोगों के बीच पोषण के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्तमान समय में भी कई जगहों से यह सामने आता है की अभिभावक स्वयं यह पहचान नहीं कर पाते हैं कि उनका बच्चा कुपोषित है या नहीं ऐसे में आंगनबाड़ी कर्मियों का अपने क्षेत्रों में रह रहे बच्चों को कुपोषण से बचाने, कुपोषित तथा गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान करने आदि में बहुत बड़ा योगदान होता है। सरकार द्वारा कुपोषण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं अगर कुपोषित बच्चों को सही समय पर पोषाहार मिल जाए एवं अभिभावकों को कुपोषण से बचाव के प्रति पूरी जानकारी हो तो बच्चे को कुपोषित होने से बचाया जा सकता है। वही गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु एमटीसी केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है। उपायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि कुपोषण एक प्रकार का चक्र है शुरुआत में जो बच्चे सही प्रकार से पोषित नहीं हो पाते हैं आगे चलकर वे अपने बच्चों के पोषण का भी पूरा ख्याल नहीं रख पाते हैं। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि शुरुआत में ही इस चक्र को तोड़ा जाए और हमारा कार्य तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हम कुपोषण को जड़ से खत्म नहीं कर देते हैं।
उप विकास आयुक्त नागेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का कारण लोगों को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करना है। वर्तमान में यह बहुत जरूरी है कि बच्चों की स्क्रीनिंग सही तरीके से की जाए । उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत भी दीदी बाड़ी योजना का संचालन किया जा रहा है जिसका उद्देश्य महिलाओं को अपने घर में ही साग, सब्जी आदि उपलब्ध कराना है ताकि वे स्वयं भी पोषित रहे एवं अपने बच्चों के पोषण का भी ध्यान रख सके।
अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद जावेद हुसैन ने पोषण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कार्यक्रमों का आयोजन करने, लोगों को पोषण संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देने, सैम तथा मैम बच्चों की पहचान करते हुए त्वरित उनके उपचार हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की ने राष्ट्रीय पोषण माह मनाने के उद्देश्यों के प्रति जानकारी देते हुए कहा कि पोषण को जड़ से खत्म करने हेतु बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक दोनों रूपों से विकास होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों ने राजस्थान में लोगों के बीच रूढ़िवादी सोच को मिटाने में अपना बड़ा योगदान दिया है आप सभी के योगदान से रामगढ़ जिला जरूर कुपोषण मुक्त होगा। उन्होंने उपायुक्त को विश्वास दिलाया कि वह और उनकी पूरी टीम रामगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त करने में अपना पूरा योगदान देंगी।
उपायुक्त ने सभी को भारत के बच्चों, किशोरों और महिलाओं को कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और मजबूत करने का वचन देने, राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान हर घर तक सही पोषण का संदेश पहुंचाने, सही पोषण का अर्थ पौष्टिक आहार, साफ पानी और सही प्रथाएं, पोषण अभियान को एक देशव्यापी जन आंदोलन बनाने, हर घर, हर विद्यालय हर गांव, हर शहर में सही पोषण की गूंज उठाने, सभी देशवासियों, बच्चों के पूरी क्षमता प्राप्त करने तथा स्वस्थ होने की प्रतिज्ञा लेने से संबंधित शपथ दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान तेजस्विनी परियोजना की युवतियों के द्वारा नाटक के माध्यम से कुपोषण के प्रति जागरूकता तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों के प्रति जानकारी दी गई।
गुरु नानक पब्लिक स्कूल में उपायुक्त, उप विकास आयुक्त एवं अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा सेल्फी तथा हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया गया। इसके साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने पोषण अभियान के तहत विभिन्न फलों तथा सब्जियों से संबंधित लगाए गए स्टॉल तथा एमटीसी केंद्र के कार्य करने से संबंधित मॉडल का निरीक्षण करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी चितरपुर, अंचल अधिकारी रामगढ़, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रामगढ़, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग उपस्थित थे।