विश्वसनीय लेखन से होती है मीडिया की पहचान : विजय

– अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की मीडिया प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक संपन्न
अभय पलिवार की रिपोर्ट
गोड्डा: विश्वसनीय लेखन से मीडिया की पहचान होती है। विश्वसनीय लेखन पर आमजनों की मीडिया पर विश्वास बढ़ने लगती है, जिसपर निरंतरता जरूरी है। उक्त बातें झारखंड प्रदेश अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ मीडिया प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक को संबोधित करते हुए महासंघ के मीडिया प्रमुख विजय कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि मीडिया प्रकोष्ठ को गति देने की जरूरत है। इसके लिए रूचि के अनुसार मीडिया को कार्य निष्पादन की जरूरत है। विश्वसनीय बातों की निरंतर लेखन लोगों के लिए सर्वग्राह्य हो जाती है। उन्होंने शोध लेखन के लिए सभी शिक्षकों को प्रेरित करने के लिए कहा तथा कहा कि शोध पत्र लेखन प्रतियोगिता के दूसरे वर्ग में कॉलेज अथवा विश्वविद्यालय स्तर के प्रतियोगिता के लिए शोध पत्र विषय में पहला ‘आत्मनिर्भर भारत में अवसर एवं चुनौतियां’ दूसरा ‘लोकतंत्र में सोशल मीडिया की भूमिका’ ,तीसरा ‘शिक्षा के माध्यम से धारणक्षम विकास’ एवं चौथा ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 का कार्यान्वयन में अवसर एवं चुनौतियां’ विषय को शामिल किया गया है। उन्होंने शोध लेखन की सीमा 30 जून तक विस्तारित किए जाने की सूचना दी।
बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्वोत्तर क्षेत्र प्रभारी ज्ञानेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि संगठन के कार्यों की जानकारी को बहुप्रसारित करना मीडिया प्रकोष्ठ का दायित्व है। देश में सकारात्मक विचारधाराओं को आगे लाना है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश महामंत्री डॉ ब्रजेश कुमार ने मीडिया प्रकोष्ठ की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया टीम अच्छी बनी है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में मीडिया प्रकोष्ठ के संयोजक अजय सिन्हा हैं तथा मीडिया प्रकोष्ठ का दायित्व संगठन के उद्देश्यों को बहुप्रसारित करना है। बैठक में मुख्य रूप से डा संजय प्रियंवद , झारखंड प्रदेश मीडिया प्रभारी धनंजय बासुदेव द्विवेदी, अभिषेक कुमार गुप्ता, रूपम कुमारी, डॉ राजेश पांडेय उपस्थित थे। बैठक का संचालन डॉ अजय सिन्हा ने किया। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार और शिक्षकों के बीच कड़ी का काम करता है। इसका जितना बेहतर इस्तेमाल होगा, उतना अधिक सरकार पर शिक्षकों के अनुकूल नीति बनाने का दवाब बढ़ेगा । अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रदेश संगठन मंत्री डॉ राजकुमार चौबे ने सफल बैठक की बधाई दी है।

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