पुरातन युग से अर्ध रात्रि को होती आ रही है माँ निशा मंगला की पूजा 

रामगोपाल जेना
चक्रधरपुर पुरानाबस्ती के पाणि खानदान ने माँ निशा मंगला की पूजा एवं दैविक पंरपरा को आज भी संजोय कर रखा गया । माँ मंगला का घट नदी से शाम को लाने के पश्चात घर मे स्थापित मंदिर मे माँ की पूजा प्रारंभ होता है । रात को ही बलि चढती है प्रसाद भी बनता है तथा माँ को प्रसाद चढने के पश्चात लोंगो मे बांटा जाता है । कोविड महामारी को ध्यान रखते हुए केवल माँ का पूजा अर्चना किया गया । इस देविक पूजा को स्व. विनायक पाणि द्वारा सुचारू ढंग से किया जाता रहा उनके देहान्त के पश्चात उनके पुत्र एवं वंशजों द्वारा माँ निशा मंगला की पूजा चलते आ रही है । अभी उनके सुपुत्र दयानन्द पाणि द्वारा माँ निशा मंगला की पूजा विधि विधान से किया जा रहा है ।