ऑनलाइन परिचर्चा का हुआ आयोजन

रांची: आज दीपशिखा, राष्ट्रीय न्यास की स्टेट नोडल एजेंसी सेंटर द्वारा “NIOS-ओपन स्कूलिंग” विषय पर ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया।
NIOS- SAIED कार्यक्रम द्वारा 21 प्रकार के दिव्यांग छात्र- छात्राओं को दूरस्थ एवं खुला माध्यम से कक्षा 3,5,8,10,12 और ब्यवसायिक पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में NIOS के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राजीव प्रसाद उपस्थित थे। उन्होंने विस्तार से इसकी जानकारी दी तथा दीपशिखा को शुभकामनाएं दीं। कार्यकारी अधिकारी श्री नीलेश सर ने विस्तार से NIOS के अन्य पहलुओं पर चर्चा किए।
माध्यम के द्वारा जूम एप पर नेशनल ट्रस्ट के राज्य समन्यवक श्री प्रमोद कुमार ने राष्ट्रीय न्यास एवं दीपशिखा के द्वारा किया किये गए प्रयासों के बारे में विस्तार से बताया। विषय प्रवेश कराते हुवे प्रमोद कुमार ने कहा कि NIOS
मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से कक्षा 3,5,8,10,12 शिक्षण तथा अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करता है। जिसका लाभ कोई भी 21 प्रकार के दिव्यांगता से प्रभावित छात्र-छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को सुनहरा बनाने में कारगार साबित होगा ।
मनोविकास चेरिटेबल के इंदिरा आलोक ने दिल्ली में चलाए जा रहे NIOS कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया।
नीलेश कुमार ने NIOS के विषय मे प्रकाश डालते हुए कहा कि मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) जिसे पहले राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (NOS) के रूप में जाना जाता था, की स्थापना शिक्षा मंत्रालय (MOE), भारत सरकार द्वारा 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसरण में एक स्वायत्त संगठन के रूप में नवंबर, 1989 में की गई थी। एनआईओएस माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर सामान्य और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के अलावा कई व्यावसायिक, जीवन संवर्धन और समुदाय उन्मुख पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है। यह अपने ओपन बेसिक एजुकेशन प्रोग्राम्स (ओबीई) के माध्यम से प्राथमिक स्तर के पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है। भारत सरकार ने एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से एनआईओएस को पूर्व डिग्री स्तर के पाठ्यक्रमों तक पंजीकृत शिक्षार्थियों की जांच करने और प्रमाणित करने का अधिकार दिया है, चाहे वह शैक्षणिक, तकनीकी या व्यावसायिक हो। भारतीय विश्वविद्यालय संघ, पत्र संख्या . EV/11(354)/91/ 25 जुलाई, 1991 एनआईओएस की उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र परीक्षा की समकक्षता जारी की।
डॉ अलका निज़ामी ने कहा कि ये सुनहरा अवसर हमारे दीपशिखा को प्राप्त हुआ है यह खुशी की बात है अब हमारे विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी समानीय बच्चों की तरह पढ़ कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते है।

इस कार्यक्रम में राज्य से 87 प्रतिभागियों तथा 16 संस्थानों के अधिकारी, माता पिता, अभिभावकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में दीपशिखा की कार्यकारी निदेशिका सुधा लिल्हा, गोपिका आनन्द, जीवन ज्योति , धनबाद से रंजीत कुमार ,आशा किरण से मीना बैनर्जी,दिव्य ज्योति नेत्रहीन से रीमा भटाचार्य,दिव्यांग अधिकार मंच से अजित कुमार, अंतरास्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी मुकेश कंचन,पी. बाबू राव, अवतार सिंह,संजीव झा,उमाशंकर जी,अरुण सिंह एवं पॉवेल कुमार ने भाग लिया