हीरादह में डूबे मृतक सुमित गिरी के मां-बाप ने डीसी को पत्र लिखकर मुआवजा राशि की मांग किया

गुमला l शहर से सटे फसिया लक्ष्मणनगर निवासी भुषण कुमार गिरी एवं उनकी पत्नी कांती देवी ने पिछले वर्ष हीरादह में डूबे अपने पुत्र सुमित कुमार गिरी का मुआवजा राशि का भुगतान सरकारी नियमानुसार करने के लिए उपायुक्त गुमला को पत्र लिखा है l इन्होंने उपायुक्त को लिखे पत्र में सरकार के उप सचिव , गृह , कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग , झारखण्ड सरकार का पत्रांक – 135(अनु0), दिनांक 01-03-2021 एवं सरकार का रुलिंग संकल्प संख्या – 1089/आo प्रo , दिनांक 10-12-2018 की प्रति लगाते हुए उल्लेख किया है कि ” मेरे पुत्र सुमित कुमार गिरी दिनांक 15-11-2020 को रायडीह का हीरादह में डूब गया था जिसका शव नहीं मिलने की स्थिति में भी सरकार का इस पत्र एवं रुलिंग के आलोक में मुआवजा राशि भुगतान करने का प्रावधान है लेकिन आज घटना का कई माह गुज़र गया अब तक किसी तरह का कोई भी मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है जिससे हम सभी परिवारगण परेशान है l ” इन्होंने पत्र में यह भी कहा कि दिनांक 15-11-2020 को रायडीह प्रखंड अंतर्गत हीरादह में मेरा पुत्र सुमित कुमार गिरी 28 वर्ष समेत उसके अन्य दो साथी अभिषेक कुमार गुप्ता तथा सुनील कुमार भगत डुब गये थे जिसमें एक अभिषेक कुमार गुप्ता का शव बरामद हुआ तथा मेरे पुत्र सुमित कुमार गिरी एवं सुनील कुमार भगत का शव का पता नहीं चल पाया है , गोताखोर (एनडीआरएफ) का टीम बहुत खोजने का प्रयास किया लेकिन अब तक मृतक शरीर या कोई नर कंकाल वगैरह बरामद नहीं कर पाये तथा मेरे द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र एवं पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनाने के लिए भी आवेदन किया गया है जो लम्बित है और ऐसी स्थिति में सरकार के पत्र एवं रुलिंग के आलोक में मुआवजा राशि दिया जाय l
एजुकेशन लोन की रिकवरी के लिए बैंक परेशान कर रहा है सुमित के मां-बाप को
हीरादह में डूबे सुमित कुमार गिरी अपने बीटेक पढ़ाई करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा से लाखो रुपए का लोन लिया था तथा हीरादह में डूबने के बाद बैंक द्वारा लोन रिकवरी के लिए उसके मां-बाप को परेशान कर रहा है , बैंक मैनेजर का कहना है कि मैंने बैंक के हेड आफिस को सारे जानकारी दे दिया है लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ शेष बकाया राशि का भुगतान अभिभावक को कर लोन क्लीयर करनी पड़ेगी जिसे लेकर सुमित के मां-बाप खासे परेशान हैं l