गरीब की गिरी झोपड़ी, खुले आसमान के नीचे रहने की हुई विवशता

जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा: महागामा प्रखंड अंतर्गत कुशमहरा गांव में बुधवार को मोसमात हसीना खातून का झोपड़ीनुमा मिट्टी-फूस का घर अचानक गिर कर ध्वस्त हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में घर के लोग बाल-बाल बच गए और एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
पीड़ित हसीना खातून (70) ने बताया कि उनका करीब 15 साल से झोपड़ीनुमा मिट्टी एवं फूस का घर है। जिसमें हमारे परिवार के 9 लोग जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं। हमलोगों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार आवास योजना का लाभ देने के बारे में विनती किए। लेकिन 15 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पंचायत के जनप्रतिनिधियों को बोलने पर सिर्फ टाल मटोल करते हैं।
पीड़ित परिवार की मुखिया ने बताया कि बुधवार को जब हमलोग खेत में काम के लिए गए हुए थे उसी दौरान अचानक घर गिर गया। घर गिरने से अनाज, कपड़ा एवं अन्य सामान की काफी क्षति हुई है।हालांकि गनीमत रही कि कोई बड़ी घटना नहीं घटी। उसने कहा कि ईश्वर का लाख-लाख शुक्र है कि एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इधर, घर गिरने की सूचना पाकर इलाके के सामाजिक कार्यकर्ता मिनसार आलम पीड़ित के घर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। उन्होंने बताया कि मोसमात हसीना काफी गरीब हैं। पूरे परिवार के साथ इसी झोपड़ी में रह रहे थे। घर गिर जाने से उनके समक्ष रहने की समस्या उत्पन्न हो गई। उन्होंने इंदिरा आवास और सहायता राशि मुहैया कराने की मांग महागामा विधायक दीपिका पांडेय से की है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सम्बन्धित पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है।जल्द ही पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।