प्रिंट रैट से ज्यादा दामों में हो रही शराब की की बिक्री

सिसई: मुख्यालय छारदा रोड,सिसई थाना से महज लगभग 400 मीटर की दूरी पर स्थित अंग्रेजी शराब दुकान मे इन दिनो दुकानदार के द्वारा जम कर सरकारी राजस्व का घोटाला किया जा रहा है साथ ही ग्राको से भी शराब का प्राईश दर से भी 10-20 रूपया अधिक दामो पर बेची जा रही है और किसी भी भीग्राहक को शराब दुकान के द्वारा पक्का बिल भी नही दिया जा रहा है और ये खेल लगभग साल भर से उपर से खेला जा रहा है।
अगर उस शराब दुकान मे लगभग 50 पच्चास हजार रुपया से 100000 एक लाख रूपए प्रतिदिन ब्यवसाय हो रहो है इससे सरकार को प्रतिदिन 18% जीएटी दर के मुताबिक 18,000 रूपए का राजस्व नुकसान हो रहा है।इसका मतलब है की महिना मे पांच लाख चालीस हजार रूपया का राजस्व का चुना राज्य व केंद्र सरकार को लग रहा।
शराब दुकानदा की ग्राहको को शराब खरीदने पर पक्की बिल नही दिया जाना और शराब के तय दर से अधिक राशि वसुली करना इससे साफ जाहिर होता है कि इस गोरख धन्धा का खेल मे कही ना कहीं इसमे प्रशासन की मिलीभगत हो सकती है।तभी तो सिसई के अंग्रेजी शराब दुकान के संचालक खुलम खुला सरकार के गाईड लाईन को अनदेखा कर कानून का अपमान करते हुवे मनमानी ढंग से शराब विक्री कर रहा है।
उसके बावजूद भी इस दुकान मे लगातार इतनी बङी घोटाला हो रही है लेकिन उत्पाद विभाग व प्रशासन कार्यवाई करने के बजाय मस्त रहते है।
दुर्भाग्य की बात यह है कि उत्पाद विभाग भी प्रतिदिन अंग्रेजी शराब का दुकान का निरिक्षण नही कर रहें है जिस कारण दुकानदार का मनोबल बङता जा रहा है और सरकार की राशि का जमकर घोटाला किया जा रहा है।
दारू दुकान मे इतना बङा घोटा हो रहें उसके बावजूद भी इस गंदी खेल को प्रशासन या उत्पाद विभाग रोकने व जांच करने मे नकाम साबित हो रहें हैं इस ओर कोई पहल ही नही किया जाता है
जबकि वही सिसई प्रखंड मुख्यालय मे छोटे छोटे पान दुकान और होटलो मे छामारी अभिया चला कर गरीबो को परेशान करने मे कोई कसर नही छोङती है। जो कि किसी तरह उस पान दुकान से लोग अपने परिवार का दो वक्त की रोटी जुटा पाते है उसके बावजूद भी गरीब दुकानदारो के उपर तत्काल कार्रवाई करने के लिए छापामारी अभियान चला कर 500 से 1000 वसुली की जाती है।और इस
के लिए एसडीओ गुमला,प्रखंड प्रशासन के द्वारा दुकानदारो से 500सौ रूपया से 1000 हजार रूपया का चलान काट राजस्व की असुली किया जाता है।जो गरीब खुद भूखा रहा परिवार को पालता है।

“”जबकि सिसई मुख्यालय मे अंग्रेजी शराब””दुकानदारो की घोर लापरवाही को दर्शाती है लेकिन प्रशासन या उत्पाद विभाग इसओर कोई पहल नही कर रही है जांच तो बात दूर की बात है।
अगर सिसई मुख्यालय मे स्थित सरकारी अंग्रजी शराब दुकान जब से दुकान खुला है उस वक्त से अगर प्रशासन राजस्व खंगालती है तो निश्चित रूप से राज्य की तरक्की के लिए सरकार को लाखो करोङो रूपये का राजस्व प्राप्त होगा यानी कि सलाना 50हजार रूपया प्राप्त होगी।जो राज्य को प्राप्त शक्ति प्रदान होगी।

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