एसडीओ ने कराया विधायक प्रतिनिधि व दुकान मालिक के बीच समझौता !

गढ़वा से नित्यानंद दुबे की रिपोर्ट
गढ़वा: शहर में विधायक प्रतिनिधि द्वारा दुकान का किराया देने की बात पर दुकान के मालकिन एवं उसके पुत्र से मारपीट करने के मामले में शनिवार को शाम 6:00 बजे से देर रात्रि 1:00 बजे तक चले समझौता प्रोग्राम का पटाक्षेप गढ़वा के एसडीपीओ के नेतृत्व में दोनों पक्षों से जुड़े समाज के सम्मानित लोगों के पहल पर सदर थाने में हो गया ।
सूत्रों के अनुसार समझौता वार्ता में विधायक प्रतिनिधि मासूम खान ने आज जीपी प्लाजा में स्थित उस दुकान को खाली करने पर सहमति जता दी है, जिस दुकान को लेकर कल मारपीट हुई थी समझौता के अनुसार 5 लाख पगड़ी के बतौर मासूम खान द्वारा जमा की गई राशि जीपी प्लाजा की मालकिन अंजना नारायण और इनके देवर छोटु केशरी द्वारा लौटा देने के बाद दुकान खाली हो जाएगा।
लेकिन इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा इस पर संशय बरकरार है । मारपीट की घटना के बाद बड़े भाई पूर्णेन्दु नारायण तो समझौता के अनुसार दुकान खाली कराने के लिए ढाई लाख रुपए पगड़ी की राशि लौटा देंगे। मगर दोनों भाइयों के बीच बेहतर संबंध नहीं होने के कारण छोटू केशरी इस समझौता के अनुसार दुकान खाली कराने के लिए पगड़ी की राशि तुरंत लौटा ही देंगे यह कोई जरूरी नहीं है।
इस प्रकरण का की शुरुआत शनिवार की शाम 6:00 बजे उस समय हुई जब जीपी प्लाजा की मालकिन अंजना नारायण किराया लेने पहुंची, इसी दौरान स्वाभाविक रूप से कुछ दोनों के बीच विवाद हुआ और विधायक प्रतिनिधि मासूम ने अनामिका और उनके पुत्र के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के बाद वे लोग तत्काल गढ़वा सदर थाना पहुंचे, प्राथमिकी दर्ज कराने पहुंचे उक्त परिवार पर समझौता के लिए राजी किया गया। चुकी पुलिस की भी समझौता कराने में इंटरेस्ट थी, इसलिए इसका पूरा मौका दिया जा रहा था।
देखते ही देखते रात्रि 8:00 बजे के करीब थाना परिसर में प्राथमिकी दर्ज कराने के मुद्दे को ले भारी हंगामा भी हुआ‌ हंगामा इतना हुआ कि पुलिस को दो-दो मर्तबा 9:00 से लेकर 9:30 के बीच लाठी भी भांजनी पड़ी।
सूचना मिलने पर पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर की सीधे एंट्री रात्रि करीब 9:45 बजे तब हुई जब वे पीड़िता अंजना नारायण के घर मिलने पहुंचे। मंत्रीका अंजना से क्या बात हुई यह तो सार्वजनिक नहीं है, मगर मंत्री के लौटते ही अनामिका अपने पुत्र व पति के साथ दुबारे थाने लगभग 10:00 बजे रात्रि पहुंची, तथा दुबारे समझौता वार्ता रात्रि 1:00 बजे तक चला। उसके बाद समझौता हो गया।