दिव्यांगों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है : श्वेता कुमारी

रांची: आज दीपशिखा के प्रांगण में सेंस इंटरनेशनल (इंडिया कमल इंडिया फाउंडेशन) एवं दीपशिखा संयुक्त तत्वधान में बधिरान्ध बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण , फिजियोथेरेपी ,स्पीच थेरेपी के साथ-साथ दैनिक क्रियाकलापों के प्रशिक्षण हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराने के मद्देनजर 8 बधिरान्ध बच्चों के अभिभावकों को रेडमी मोबाइल जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता कुमारी दीपशिखा कार्यकारी अध्यक्षा सुधा लिल्हा , लेखा जोखा पदाधिकारी प्रियंका जलान एवं कार्यक्रम समन्वयक प्रमोद कुमार के द्वारा मोबाइल फोन का वितरण किया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता कुमारी ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है आज के समय में एक तरफ एक प्रकार की दिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति अपने जीवन को जीने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करता है वहीं दूसरी ओर दीपशिखा जैसी संस्था बधिरान्ध बच्चे जिन्हें सुनने ,देखने एवं बोलने जैसी दिव्यांगता एक साथ समाहित है। वैसे बच्चों के शिक्षण प्रशिक्षण एवं कौशल विकास करने के साथ-साथ उनके दैनिक क्रियाकलापों पर भी निरंतर कार्य कर रही है यह वाकई सराहनीय कार्य है। इस कार्य के लिए दीपशिखा प्रबंधक एवं आप सभी तमाम अभिभावक जो रात दिन इन बच्चों की सेवा में निरंतर कार्य कर रहे हैं वे सभी अलौकिक है। समाज कल्याण विभाग अपने द्वारा भी दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण पेंशन एवं दिव्यांगता विशिष्ट पहचान पत्र प्रदान करती है, जिन बच्चों की आयु 18 वर्ष हो जाती है उन्हें लीगल गार्जियन शिप का प्रमाण पत्र उनके अभिभावकों को उपलब्ध करती है। इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए दीपशिखा कार्यकारी अध्यक्षा सुधा लिल्हा ने कहा कि दीपशिखा बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक गुणात्मक विकास के लिए 1990 से निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संस्था वैसे लोगों को भी प्रशिक्षित करती है जो दिव्यांगता के क्षेत्र में दिव्यांग जनों के लिए समर्पण की भावना रखते हैं। हमारी संस्थान बैद्धिक दिव्यांग बच्चों के शिक्षण हेतु विशेष शिक्षक भी तैयार करती है । इस कार्यक्रम में विशेष शिक्षक पावेल कुमार, रतला कुमारी सीमंती कुमारी कपिल देव कुमार उपस्थित थे।