नन्हे-मुन्नों की सुरक्षा के लिए बड़े भी बरतें सावधानी

श्री अग्रसेन स्कूल के छोटे बच्चों ने बनाया कपड़े और कागज का मास्क

कोरोना की तीसरी लहर से पहले खुद की तैयारी रखने का संदेश

रामगढ़: देश में कोरोना की दूसरी लहर की तबाही के बाद अगले कुछ महीनों में तीसरी लहर आने का अनुमान वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं ने लगाया है। तीसरी लहर को बच्चों के लिये सबसे खतरनाक बताया जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि इसके खतरे को कम करने के लिये अभी से ही जरूरी सावधानियां के प्रति जागरूकता की मुहिम छेड़ी जाए।
श्री अग्रसेन स्कूल, भुरकुंडा ने शुक्रवार को नन्हे बच्चों के लिए मास्क बनाओ प्रतियोगिता का वर्चुअल आयोजन कर बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक किया। बच्चों ने कपड़े और कागज के मास्क बनाकर उसे अपने चेहरे पर लगाया। मास्क पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता संदेश भी लिखे थे। प्रतियोगिता में शामिल बच्चे बेहत उत्साहित थे। उनकी मुस्कान यह बता रही थी कि वे भविष्य की चुनौतियों से लड़ने को तैयार हैं। उनका संदेश यह भी था कि बड़े भी जरूरी सावधानियों को नजरअंदाज न करें

बच्चों के इस प्रयास की प्राचार्या नीलकमल सिन्हा ने काफी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स जो भी करते हैं, बच्‍चे भी उसे कॉपी करने लगते हैं। बच्‍चों को मास्‍क पहनने की आदत डालने के लिए, आपको खुद भी इस नियम का पालन का करना होगा। पहले खुद मास्‍क पहनें और फिर बच्‍चे को पहनने के लिए कहें। बच्‍चों में मास्‍क पहनने की अच्‍छी आदत डालने का यह सबसे आसान तरीका है।

प्रतियोगिता की कॉर्डिनेटर अंकिता सिंह ने कहा कि बच्‍चों के लिए यह समझना आवश्‍यक है कि मास्‍क से वो खुद कीटाणुओं से दूर रह कर सेफ और हेल्‍दी रह सकते हैं। बच्चों को समझाने की पहल माता-पिता को जरूर करनी चाहिए। आयोजन को सफल बनाने में शालू कुमारी, रीता राय आदि का योगदान रहा।

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