उपायुक्त ने बैठक कर विभागवार कार्यान्वित योजनाओं के कार्य प्रगति व अद्यतन स्थिति की समीक्षा की

: निर्धारित समयसीमा के अंदर योजनाओं में प्रगति लाने तथा लंबित कार्यों को पूर्ण करने का दिया निर्देश

गुमला : आगामी 28 अक्तूबर 2021 को मुख्य सचिव झारखंड द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उक्त के आलोक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने आज अपने गोपनीय कार्यालय सभाकक्ष में बैठक कर विभागवार कार्यान्वित योजनाओं के कार्य प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में उपायुक्त ने कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। छात्रवृत्ति वितरण योजना के समीक्षा के क्रम में बताया गया कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण हेतु लगभग 01 लाख 01 हजार 604 में से 30 हजार का डाटा अपलोड कर दिया गया है। जिसमें से लगभग 28 हजार डाटा स्वीकृत किया जा चुका है। इन स्वीकृत खातों को एमपीसीआई मैपिंग हेतु विभिन्न बैंकों में भेजा गया है। शेष खातों की स्वीकृति 20 अक्तूबर तक किए जाने की जानकारी दी गई। इसपर उपायुक्त ने 28000 स्वीकृत खातों का छात्रवृत्ति भुगतान आज सुनिश्चित करने तथा शेष खातों की स्वीकृति करते हुए छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही बताया गया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में 33 खातों के नवीकरण तथा 09 नए खातों का छात्रवृत्ति हेतु पंजीकरण किया गया है, किंतु सत्यापन का कार्य बाकी है। जिसपर उपायुक्त ने परियोजना निदेशक आईटीडीए को संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं वी.डब्लू.ओ के माध्यम से सभी 42 खातों का सत्यापन कराने तथा अगले दो दिनों के अंदर संस्थानों की जाँच सुनिश्चित करते हुए 15 अक्तूबर तक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभुकों को भी छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में केसीसी की समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि विगत वर्ष प्रधानमंत्री किसा सम्मान निधि योजनांतर्गत लगभग 58188 लाभुकों का पंजीकण किया गया था। जिनमें से 45144 आवदनों को विभिन्न बेंकों में भेजा गया है। इसपर उपायुक्त ने 58188 के अतिरिक्त 55000 आच्छादित किसानों की संख्या को भी सम्मिलित करने का निर्देश दिया। उन्होंने त्रुटिपूर्ण आंकड़ों की जाँच कर विगत वर्ष केसीसी ऋण में प्राप्त उपलब्धि को भी समायोजित करने पर बल दिया। वहीं समीक्षा के दौरान पाया गया कि प्रथम एवं द्वितीय चरण में लगभग 47804 केसीसी आवेदनों का सृजन किया गया था। जिसमें से मात्र 3912 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है। इसपर उपायुक्त ने बैंकवार एवं शाखावार केसीसी के स्वीकृत आवेदनों से संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं मत्स्य विभाग द्वारा बताया गया कि केसीसी हेतु प्राप्त लक्ष्य 500 के विरूद्ध 477 आवेदनों को विभिन्न बैंकों में भेजा गया था। जिसमें से 118 आवेदन अस्वीकृत व 114 आवेदन स्वीकृत किए गए। इसपर उपायुक्त ने बैंकवार किए गए आवेदनों की स्वीकृति को प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया।

पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने राज्य सरकार के महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनांतर्गत इस वित्तीय वर्ष प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर1841 सुयोग्य लाभुकों का चयन सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया।

उपायुक्त ने गुमला जिलांतर्गत अधिष्ठापित किए जाने वाले 05 कोल्ड स्टोरेज निर्माण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 05 कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाना है। जिसमें से 02 कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 03 लंबित हैं। इसपर उपायुक्त ने शेष लंबित कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पूर्ण करने तथा कोल्ड स्टोरेज में निर्बाध विद्युत, पर्याप्त पानी एवं उचित शीत व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने असंगठित मजदूरों के निबंधन हेतु जिलांतर्गत मनरेगा के श्रमिकों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, प्रज्ञा केंद्र के वीएलई आदि का निबंधन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इस संबंध में उन्होंने जेएसएलपीएस एवं सीएससी प्रबंधक को भी अपने स्तर से एसएचजी की महिलाओं एवं प्रज्ञा केंद्र के वीएलई को चिन्हित करते हुए उनका निबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उपायुक्त ने असंगठित श्रमिकों के निबंधन में जेएसएलपीएस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया

उपायुक्त ने कंबल वितरण योजनांतर्गत 28 अक्तूबर 2021 से पहले जिले के सुयोग्य लाभुकों के बीच कंबल का वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग को दिया।

बैठक में उपायुक्त ने राजस्व निबंधन से संबंधित मामलों की समीक्षा की। सरकारी भूमि के हस्तांतरण की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि पलमा-गुमला पथ परियोजनांतर्गत 63 एकड़ में से 40 एकड़ भूमि का अभिलेख प्राप्त किया गया था, किंतु शेष का अभिलेख तीनों अंचलों से अप्राप्त है। इसपर उपायुक्त ने अविलंब शेष 20 एकड़ भूमि के लंबित अभिलेखों का कार्य भी पूर्ण करने का निर्देश दिया।
15वें वित्त आयोग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिला परिषद/ ग्राम पंचायत/ पंचायत समिति द्वारा प्राप्त राशि का नियमानुकूल अविलंब खर्च करते हुए पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश जिला पंचायत राज पदाधिकारी को दिया।

इसके अलावा बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को उनके द्वारा कार्यान्वित योजनाओं की विस्तृत विवरणी की सूची उपलब्ध कराने तथा योजनाओं में प्रगति लाने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।
उपस्थिति
बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता, उप विकास आयुक्त सह सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, जिला पंचायत राज पदाधिकारी मोनिका रानी टूटी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सुषमा नीलम सोरेंग, जिला कल्याण पदाधिकारी अजय जेराल्ड मिंज, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मोहम्मद कलाम, जिला मत्स्य पदाधिकारी दीपक कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक खनन पदाधिकारी रामनाथ राय, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुशेंद्र सोन केशरी, सीएससी प्रबंधक राजीव नंदा, जेएसएलपीएस के प्रणव, एनएच के प्रतिनिधि, कार्यालय अधीक्षक शशि कुमार मिश्रा व अन्य उपस्थित थे।