पांकी फायरिंग अमन श्रीवास्तव गैंग के नाम पर वसूली के खेल में तो नहीं हुई घटना!

पलामू से सुधीर कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मेदिनीनगरः पलामू जिले के पांकी बाजार में बीते पांच जुलाई की शाम अपराधियों की फायरिंग में जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू गुप्ता की मौत हो गई थी. घटना की जिम्मेदारी श्रीवास्तव गिरोह के शूटर राजू शर्मा ने ली. घटना को लेकर पांकी के लोग अचंभित हैं. लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि घटना की वजह क्या है।इस बीच अपराध जगत के एक सूत्र ने दावा किया है कि श्रीवास्तव गिरोह के निशाने पर छह लोग हैं. इनमें पलामू के दो, रामगढ़ के एक, आम्रपाली (टंडवा) के एक और हजारीबाग के दो लोग शामिल हैं. सूत्र ने यह भी बताया है कि कुछ लोगों पिछले कई माह से श्रीवास्तव गैंग के नाम पर हजारीबाग व चतरा के कोयला ट्रांसपोर्टरों से रंगदारी वसूल रहे थे. इस बात की जानकारी मिलने के बाद श्रीवास्तव गैंग ने ऐसे लोगों की पहचान की और अब सभी निशाने पर हैं।ऐसे में अब यह सवाल उठने लगा है कि जितेंद्र गुप्ता की हत्या भी तो इसी कड़ी में नहीं की गई है. क्योंकि आमतौर पर इस तरह की घटना रंगदारी नहीं देने की वजह से होती है. जितेंद्र गुप्ता से कभी रंगदारी की मांग की गई थी, इसकी सूचना सार्वजनिक नहीं है. बहरहाल, पलामू पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा होगा. घटना को किसने अंजाम दिया है, यह बात तो राजू शर्मा ने खुद जिम्मेदारी लेकर साफ कर दिया है. लेकिन घटना की वजह क्या थी, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।पलामू के पांकी में बाइक सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या कर दी. इस फायरिंग में जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू समेत दो लोगों की गोली लगी. घटना पांच जुलाई की शाम छह बजे के बाद की है. जख्मी हालत में दोनों को पांकी में प्राथमिक उपचार के बाद एमएनसीएच में रेफर कर दिया गया है. इलाज के दौरान जीतू की मौत हो गई. इससे गुस्साए लोगों ने छह जुलाई को पांकी बाजार बंद की घोषणा की थी।