सच जीता और मोदी सरकार का अहंकार पराजित हुआ: दीपिका

विधायक ने कहा: सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को कोई ताकत रोक नहीं सकती

गोड्डा से अभय पलिवारक की रिपोर्ट
गोड्डा:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की सचिव और महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि आखिरकार सच जीता और मोदी सरकार का अहंकार पराजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके बाद से सबक सीखने की ज़रूरत है। उन्हें यह याद रखना चाहिए कि जब-जब अहंकार सच्चाई से टकराता है, उसे ज़मीन पर गिरना ही पड़ता है। सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे किसानों को दुनिया की कोई सरकार, कोई ताकत नहीं नहीं रोक सकती।
विधायक ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के पैरों में काले कानून की बेड़ियां बांधकर कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने का काम रही थी। जब हमारे किसान भाइयों ने इसका विरोध किया, तो मोदी सरकार ने पहले लाठियां बरसाईं। फिर एक एक कर किसानों को जेल में भरने लगे। उन्हें लग रहा था किसान उनके इस हिटलरशाही से डरकर पीछे हट जाएंगे।
विधायक श्रीमती सिंह ने कहा कि,आज देखिए इस सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। हमेशा की तरह प्रधानमंत्री मोदी को लगा था कि उनकी पीआर मशीनरी इसे फैसले को वापस लेने भी उनका मास्टर स्ट्रोक कहेगी। लेकिन मोदी जी का ये मास्टर स्ट्रोक नहीं था। विधायक ने कहा, पहले तो प्रधानमंत्री को उन किसान परिवारों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने अपनों को खोया है। अपनी झूठी ज़िद्द के आगे मोदी सरकार ने कई परिवारों को उजाड़ डाला है।
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, प्रधानमंत्री जी,आपको क्या लगा कि टीवी पर आकर एक घोषणा से देश शांत बैठेगा? ये तो बस शुरुआत है! काले कानूनों की वापसी से साबित हो गया है कि डराकर, धमकाकर कोई भी देश नहीं चला सकता। यह देश लोकतंत्र से चलता है। शांतिपूर्ण आंदोलन की ताकत, विपक्षी एकता, लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध के सामने तानाशाही तौर तरीके सदा से पराजित होते आए हैं और विवादित कृषि कानूनों की वापसी का एलान इसी का सबूत है।
कांग्रेस विधायक ने सभी किसान भाइयों को बधाई दी,जो इस सरकार के लाठी-डंडो और सलाखों के आगे डटे रहे।कहा, यह जीत उस भारतीय की जीत है जो अपने अन्नदाता के साथ मजबूती से खड़े रहे। लेकिन दुःख इस बात का भी है की इस आंदोलन के दौरान 600 से अधिक किसानों को शहादत देनी पड़ी। सत्ता के अहंकार और जुल्म को सहना पड़ा। आप सबको सलाम है। परिस्थिति कैसी भी रही आपके कदम पीछे नहीं हटे। सर्दी, गर्मी और बारिश के मौसम में सत्ता के इशारे पर पुलिस बर्बरता का सामना करना पड़ा। यहां तक कि आपको ख़रीदने की भी कोशिश की गई।

इस सरकार को लगता था विकास की आड़ में ये देश का सौदा करते रहेंगे और देश ख़ामोश रहेगा। कांग्रेस विधायक ने कहा, राहुल गांधी, आपका भी धन्यवाद। आप किसान भाइयों के साथ खड़े रहे।