संघ ने जलाई झारखंड राज्य वनपाल संवर्ग नियमावली-2020 की प्रतियां

बरही में झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ का किया गया प्रमंडलीय बैठक

प्रमोद विश्वकर्मा/बिपिन बिहारी पाण्डेय

बरही (हजारीबाग) : झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ, हजारीबाग पश्चिमी प्रमंडल इकाई संघ की बैठक रविवार को बरही वन विश्रमागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के संयुक्त मंत्री महेश कुमार दास ने की। इस बैठक में वर्तमान में कार्यरत वनरक्षियों के हितों के विरुद्ध व वर्तमान में लागू नियमावली के विपरीत प्रस्तावित झारखंड राज्य वनपाल संवर्ग नियमावली-2020 (सीधी नियुक्ति नियमावली) का पुरजोर तरीके से विरोध किया गया। बैठक के उपरांत संघ के लोगों ने झारखंड राज्य वनपाल संवर्ग नियमावली-2020 की प्रतियां जला का विरोध प्रदर्शन किया। वहीं सभी ने एक स्वर में प्रस्तावित वनपाल नियुक्ति नियमावली का पुरजोर विरोध करने का संकल्प लिया। बताया गया कि वर्तमान में कार्यरत वनरक्षियों की नियुक्ति झारखंड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली-2014 के तहत हुआ है। उक्त नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि वनपाल के शत् प्रतिशत पद प्रोन्नति के होंगे। वहीं संघ की ओर से सर्वसम्मति से मांग किया गया कि वनपाल के सभी खाली पदों को प्रोन्नति से भरा जाय। हजारीबाग जिला मंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि यदि वनपाल पद पर सीधी नियुक्ति करने का किसी भी प्रकार का प्रयास किया जाता है तो संघ के माध्यम से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए अंतिम रूपरेखा तैयार करने के लिए राज्य संघ को अधिकृत किया गया है। जिला संघ राज्य संघ के हर निर्णय के साथ रहेगा। वहीं बैठक में वनरक्षियों के सभी रिक्त पदों पर अतिशीघ्र भरने की मांग की गयी। साथ ही वनकर्मियों के विरुद्ध वन अपराधियों द्वारा लगातार हो रहे हमलों, विभागीय कार्रवाई के भय का माहौल बनाने, विभागीय परीक्षा ससमय नहीं होने व ससमय वेतन नहीं मिलने पर रोष व्यक्त की गयी। इसके निराकरण करने की मांग उच्च पदाधिकारियों से की गयी। साथ ही चेतावनी दिया गया कि यदि इन समस्याओं का निराकरण ससमय नहीं होता है तो संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में झारखंड राज्य अवर वन सेवा संघ, हजारीबाग जिला मंत्री ओम प्रकाश शर्मा, संयुक्त मंत्री महेश कुमार दास, संयुक्त मंत्री अमर आनंद सरस्वती, कार्यालय मंत्री बिरेंद्र कुमार, दीपक यादव, राजेन्द्र कुमार, देवचंद महतो, संतोष कुमार रजक, राहुल कुमार, पंकज कुमार, सिकंदर नायक, अजीत गंझू, कृष्णा प्रसाद महतो, भूपेंद्र कुमार, केशव महतो, विनोद बेसरा, चेतन कुमार राम, गोपी पासवान, सुजीत टोप्पो, प्रभात किशोर लकड़ा, कमला सिंह, कम्पी महतो सहित भारी संख्या में वनकर्मी मौजूद थे।