किसानों के मसले पर वर्चुवल बैठक सम्पन्न, किसानों के हितों की रक्षा के लिए आये बेहतर सुझाव

खूंटी: जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की अध्यक्षता एवं  सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार की अगुवाई में जिले के किसानों की समस्याओं पर वर्चुवल बैठक की गई। बैठक में खूंटी में कार्यरत गैर सरकारी संगठन प्रदान एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
वर्चुवल बैठक में किसानों को बाजार व्यवस्था से जोड़ने हेतु सुदृढ़ व्यवस्था करना एवं आधारभूत संरचना की आवश्यकता का आंकलन हेतु विस्तृत रूप से चर्चा की गई। साथ ही साथ लॉक डाउन में कृषि उत्पादों को सभी प्रकार के प्रतिबंधों से बाहर रखने के बावजूद किसानों को बाजार उपलब्ध  होने में आ रही परेशानियों पर चर्चा की गई।
चर्चा के उपरांत कृषि उत्पादों के बाजार व्यवस्था पर कई महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। सर्वप्रथम विकेंद्रीकृत बाजार व्यवस्था ताकि किसान अपने उत्पाद को जिले में ही बेच सके। सरकार के विभिन्न पोर्टल से किसानों को जोड़ना। FPO से जुड़े किसानों एवं इनकी समिति को मजबूत करना। विभिन्न हितधारक के साथ बैठक एवं सबके भूमिका को स्पष्ट करना। आपदा से प्रभावित फसलों के मुआवजे का प्रावधान। शीत गृह , वेयर हाउस एवं संग्रहण केंद्र की स्थापना। मोटे अनाज एवं जल्द न ख़राब होने वाले फसलों यथा मडुआ आदि को लेकर एक व्यापक सुनियोजित कार्यक्रम। आने वाले समय में आम जैसे फलों के बाजार हेतु सुदृढ़ व्यवस्था करना l शेष बचे किसानों को प्रधानमंत्री कृषि समृद्धि योजना से जोड़ना l
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रदान और अभाविप संस्था के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि कई ऐसे बड़ी कंपनियां हैं जो प्लेटफार्म देने को तैयार है। अगर आपलोग भी तैयारी करें तो किसानों का उत्पाद जैसे आम खुले बाजार में जितना बिकता है उसके अलावे अगर बचता है तो फ़ूड प्रोसेसिंग कंपनी को हम खपत करा दे और दाम अच्छा मिले तो कोई हर्ज नही है। हमारा जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं फ़ूड प्रोसेसिंग मंत्रालय के बीच एग्रीमेंट हुआ है। हम दोनों का मंत्रालय मिल कर उसे ट्राईफेड का कांसेप्ट दिया है। ट्राईफेड सीधे रूप से जनजातियों के द्वारा उपज किये सामग्री को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बाजार में कैसे पहुँचाए इसपर कार्य कर रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा खूँटी में कोल्ड स्टोरेज है लेकिन प्रोडक्ट कोल्ड स्टोरेज में नही रखा जाता है। इस पर हमें ध्यान देते हुए कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन पर ध्यान देने की आवस्यकता है। उन्होंने प्रदान और अभाविप के प्रतिनिधियों से कहा कि आपदा जैसे बुरे समय मे किसानों के लिए हम क्या करे कि किसानों को सुविधा मिल सके और किसान अपने अगले फसल में आपदा में हुई घाटा की भरपाई कर सकें।
मंत्री ने कहा कि इन सभी विषयों को लेकर एक अच्छी नीति बनाने हेतु राज्य सरकार को पत्र भी लिखुंगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक सौरभ कुमार साहु ने कहा कि कृषि क्षेत्र से युवाओं को जोड़कर किसानों की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। गाँव के  युवाओं को कृषि उत्पाद के मार्केटिंग की ट्रेनिंग देनी होगी जिससे उन्हें तो रोजगार मिलेगा ही साथ ही साथ किसानों के फसल का रेट भी सही मिलेगा। खूँटी के कृषि उत्पाद को बाहर भेजने का प्रयास भी होना चाहिए साथ ही खूँटी में मंडी की स्थापना भी होनी चाहिए।कोल्ड स्टॉरेज का चालू न होना भी चिंता का विषय है।
मौके पर प्रदान की ओर से मनोज किंडो, विजय कुमार, तृषा, यश ओंधिया, बाला देवी, सुतार, बन्दना देवी एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से सौरभ कुमार , विवेक कुमार समेत अन्य ने भाग लिया l

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