मां के गर्भ से हम जीने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं:दिपशिखा

रामगोपाल जेना
चाईबासा: विश्व बाल दिवस पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नीमडीह, सदर चाईबासा में यूनिसेफ के सहयोग से देवनेट संस्था द्वारा बाल अधिकार के आयामों जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार और सहभागिता का अधिकार के तहत कविता पाठ,स्लोगन पाठ,रंगोली आदि गतिविधियां करायी गई। मौके पर संस्था के जिला समन्वयक दीपशिखा कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां के गर्भ से हम जीने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं।इसी तरह हमारी वैचारिक, मानसिक और शारीरिक विकास विभिन्न तरीके से करना, हिंसा से सुरक्षा,यौन शोषण से बचाव व अपनी बातों को समुचित रुप से रखने का अधिकार प्राप्त है। इसके तहत जीवन जीने हेतु जागरूक रहने की आवश्यकता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्णा देवगम व सहायक शिक्षिका तोयोन तोपनो ने कहा कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को उनके अधिकारों से रुबरु कराते हैं और हमेशा करते रहेंगे ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सकारात्मक व आत्मसम्मान के साथ जी सके।
कार्यक्रम की शुरूआत टेकराहातु पंचायत के उपमुखिया शैलेन्द्र बारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर छात्रा सरस्वती हेंब्रम ने बाल अधिकार पर प्रकाश डाला।छात्रा नंदी बारी एवं साथियों ने बाल अधिकार पर आधारित कविता पाठ किया। वहीं इंद्र तांती एवं साथियों द्वारा स्लोगन पाठ किया गया। बच्चों ने विश्व बाल दिवस का संदेश के रूप में नीले गुब्बारे अपने हाथों में लिया और विद्यालय को नीले रिबन व गुब्बारे से सजाया।
मौके पर यूनिसेफ देवनेट संस्था के प्रखंड समन्वयक सावित्री देवगम,आरती खंडाइत व शिक्षक शिक्षिकाएं गंगाराम लागुरी, सुशील कुमार सरदार, कुंती बोदरा,एलिस बेक, कल्पना गोराई और बाल संसद के मंत्री समेत काफी संख्या विद्यार्थी उपस्थित थे।मां के गर्भ से हम जीने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं:दिपशिखा
रामगोपाल जेना
चाईबासा:-विश्व बाल दिवस पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नीमडीह, सदर चाईबासा में यूनिसेफ के सहयोग से देवनेट संस्था द्वारा बाल अधिकार के आयामों जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार और सहभागिता का अधिकार के तहत कविता पाठ,स्लोगन पाठ,रंगोली आदि गतिविधियां करायी गई। मौके पर संस्था के जिला समन्वयक दीपशिखा कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां के गर्भ से हम जीने का अधिकार प्राप्त कर लेते हैं।इसी तरह हमारी वैचारिक, मानसिक और शारीरिक विकास विभिन्न तरीके से करना, हिंसा से सुरक्षा,यौन शोषण से बचाव व अपनी बातों को समुचित रुप से रखने का अधिकार प्राप्त है। इसके तहत जीवन जीने हेतु जागरूक रहने की आवश्यकता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्णा देवगम व सहायक शिक्षिका तोयोन तोपनो ने कहा कि वे अपने विद्यालय के बच्चों को उनके अधिकारों से रुबरु कराते हैं और हमेशा करते रहेंगे ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर सकारात्मक व आत्मसम्मान के साथ जी सके।
कार्यक्रम की शुरूआत टेकराहातु पंचायत के उपमुखिया शैलेन्द्र बारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर छात्रा सरस्वती हेंब्रम ने बाल अधिकार पर प्रकाश डाला।छात्रा नंदी बारी एवं साथियों ने बाल अधिकार पर आधारित कविता पाठ किया। वहीं इंद्र तांती एवं साथियों द्वारा स्लोगन पाठ किया गया। बच्चों ने विश्व बाल दिवस का संदेश के रूप में नीले गुब्बारे अपने हाथों में लिया और विद्यालय को नीले रिबन व गुब्बारे से सजाया।
मौके पर यूनिसेफ देवनेट संस्था के प्रखंड समन्वयक सावित्री देवगम,आरती खंडाइत व शिक्षक शिक्षिकाएं गंगाराम लागुरी, सुशील कुमार सरदार, कुंती बोदरा,एलिस बेक, कल्पना गोराई और बाल संसद के मंत्री समेत काफी संख्या विद्यार्थी उपस्थित थे।