ई. श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराएं श्रमिक : उपायुक्त

बोकारो से जय सिन्हा

बोकारो : उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने मंगलवार को कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों का डाटाबेस तैयार करने के लिए ई. श्रम पोर्टल लांच किया गया है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को अब ई. श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।

उपायुक्त श्री कुलदीप चौधरी ने कहा कि असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करने लिए उन्हें जागरूक किया जा रहा है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के नेशनल डाटाबेस आफ अन आर्गेनाइज्ड वर्कर्स कार्यक्रम के तहत कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से यह कार्य किया जा रहा है। ई.श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण निःशुल्क है। पंजीकरण के बाद श्रमिकों व मजदूरों के यूनिक आइ कार्ड बनाए जाते हैं। इस यूनिक आइडी कार्ड बनते ही असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित सरकार की ओर से दी जाने वाली अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता है। इसका एक साल का खर्च भी सरकार स्वयं ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है का खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजना, जोकि मंत्रालय और केंद्र – राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

यूनिक आइ कार्ड के माध्यम से श्रमिकों की विभिन्न गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं उसे भी आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी। सरकार रोजगार के अवसर भी सृजित कर सकेगी। साथ ही यदि कहीं किसी विशेष वर्ग के श्रमिकों की जरूरत होगी तो इसी यूनिक आइडी के माध्यम से इन लोगों को सूचित भी कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि असंगठित श्रमिकों व मजदूरों के पंजीकरण के लिए आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए। पंजीकरण के लिए आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर, बैंक पासबुक की फोटो कापी व मोबाइल फोन नंबर होना अनिवार्य है। इस संबंध में अधिक जानकारी श्रम विभाग के कार्यालय, प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं स्थानीय सीएससी से प्राप्त की जा सकती है।

उपायुक्त ने कहा कि ई. श्रम पोर्टल पर छोटे किसान, पशुपालक, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, ईंट.भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर, मछली विक्रेता, मोची, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी – फेड़ी लगाने वाले लोग, न्यूजपेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व आटो रिक्शा संचालक, मनरेगा मजदूर, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, ऐसे मजदूर जो किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े हो वह सब अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

*■ स्वयं ऑनलाइन भी कर सकते पंजीकरण – जानिये कैसे होगा पंजीकरण।

ई. श्रम कार्ड ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आपके पास (आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी एवं मोबाईल नंबर (जो आधार से लिंक हो) होना चाहिए।

★ सबसे पहले भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर जाना पड़ेगा। थोड़ा नीचे की ओर जाने पर आपको ई.श्रम पंजीकरण का आप्शन दिखाई देगा।

★ इस रजिस्ट्रेशन या पंजीकरण ऑप्शन पर क्लिक करने पर आपको ई.श्रम रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा।

★ इस पेज पर मांगी गई जानकारियों को भरने के बाद आपको सेंड ओटीपी पर क्लिक करना है। जिसके बाद आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी मिलेगा, उस ओटीपी को डालने के बाद आपको सब्मिट ऑप्शन पर क्लिक करना है।

★ उसके बाद आपके सामने एक और पेज खुलेगा जिस पर आपको अपना आधार नंबर डालना है और सब्मिट आप्शन पर क्लिक करना है।

★ उसके बाद एक बार फिर आपको एक नया ओटीपी आपके मोबाइल पर मिलेगा जिसे डालने के बाद आपको वैलिडेट ऑप्शन पर क्लिक करना है।

★ इसके पश्चात आपको एक और नया पेज खुलेगा जिसमें आपको अपनी निजी जानकारी प्रदान करनी होगी जैसे – इमरजेंसी मोबाइल नंबर, विवाहित है या अविवाहित, आपके पिता का नाम, आप किस जाति के है, आप का रक्त समूह क्या है आदि।

★ यदि आप किसी को नामांकित (नोमनी) बनाना चाहते हैं तो उसकी जानकारी भी अगले पेज पर दे सकते है।

★ उसके बाद अगला पेज खुलेगा जिसमें आपको घर का पता और संबंधित जानकारी देना होगा।

★ अब अगले पेज पर आपको शैक्षणिक योग्यता बताना होगा ।

★ आप किस प्रकार का व्यवसाय या काम कर रहे इसकी भी जानकारी अगले पृष्ठ पर देना होगा। इसके लिए सरकार द्वारा एक सूची भी उपलब्ध है जिसमें से आप अपने लिए उपयुक्त आप्शन को चुन सकते है।

★ अगले पृष्ठ पर आपको बैंक डिटेल और आदि जानकारी प्रदान करना होगा।

★ अंततः सारी जानकारी को एक बार जाँचने के बाद आपको सब्मिट ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।

★ उसके बाद आपको अपना ई. श्रम कार्ड दिखने लगेगा अब आपको डाऊनलोड आप्शन पर क्लिक करना है जिससे आपका ई. श्रम कार्ड डाउनलोड हो जाएगा जिसे प्रिंट लेकर आगे योजनाओं का लाभ लेने के लिए सुरक्षित रख लेना होगा।