नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती इलाकों में इंटरनेट से दूर हजारों बच्चे हैं शिक्षा से वंचित

खूंटी:  खूंटी जिले का अड़की प्रखण्ड मुख्यालय और अड़की प्रखण्ड का दक्षिणी भाग बिरबांकी इलाका, जहां जंगल पहाड़ों की प्रचुरता है। नक्सली गतिविधियां भी अक्सर होती रहती हैं। बिरबांकी इलाके में विकास के नाम पर विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र, सड़क, बिजली पहुंची है लेकिन अब तक इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे विगत एक साल से शिक्षा से दूर हैं। ग्रामसभा ने भी इंटरनेट कनेक्शन से हो रही बच्चों की बाधित पढ़ाई के लिए अब जिला प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का मन बना लिया है।

आज भी जंगल पहाड़ों के हजारों बच्चे शिक्षा से दूर रहने को मजबूर हैं।ग्रामसभा ने एक बैठक बुलाकर बिरबांकी इलाके में मोबाईल टावर लगाने का प्रस्ताव लाया है। ग्राम सभा ने कहा कि यदि बिरबांकी इलाके में मोबाइल टॉवर की उपलब्धता नहीं कराई जाती है तो आने वाले समय मे आंदोलन किया जाएगा।

मुखिया जवरा पहान और बैजनाथ समद ने कहा कि उनके पंचायत बिरबांकी और बोहोंडा पंचायत के कुरूंगा में सीआरपीएफ और पुलिस कैंप है, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, बिरबांकी सात पंचायतों का मुख्यालय और मुख्य बाजार है। दर्जनों स्कूल हैं। लेकिन यहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है। बीएसएनएल का टावर है, जिससे इंटरनेट काम नहीं करता है। मोबाईल पर भी काफी मुश्किल से कट-कट कर बात हो पाती है। यह सामूहिक समस्या है, इस कारण इसके लिए गांव के लोग सामूहिक रूप से आवाज उठा रहे हैं।
विकास का काम है बाधित।

आज भी मोबाईल और इंटनेट की कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। विकास का काम पूरी तरह बाधित है। लोग सूचनाओं से वंचित हैं। इसकी मांग वे वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी बातें कोई सुनने वाला नहीं। इस स्थिति में बिरबांकी और उसके सभी 12 टोलों के ग्रामीणों की संयुक्त ग्रामसभा की बैठक हुई। जिसमें ग्रामीणों ने सशक्त तरिके से बिरबांकी में सभी मोबाईल कम्पनियों के टावर लगाने की मांग की। ग्रामसभा ने घोषणा की है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। मोबाईल का टावर नहीं लगा, तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे।

ग्रामसभा में सबन समद और बोगन सिंह मुंडा ने कहा कि इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं रहने के कारण बिरबांकी समेत दक्षिणी अड़की के सात पंचायतों के हजारों बच्चे एक साल तक शिक्षा से दूर रहे। शहरों के बच्चों की पढ़ाई में लॉक डाउन के दौरान ऑनलाईन हुई, लेकिन गांवों के बच्चे शिक्षा से दूर रहे। ग्रामसभा सरकार से मोबाईल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की मांग करती है, अन्यथा हजारों ग्रामीण एक साथ आंदोलन का रास्ता अपनाऐंगे। स्कूल, अस्पताल, पुलिस कैंप हैं, लेकिन इंटरनेट सेवा नहीं। इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने के कारण पूरे इलाके में विकास के काम बाधित हैं। गांवों में लोग सूचनाओं से वंचित रहते हैं। बिरबांकी के 14 किमी परिधि में इंटरनेट की सेवा नहीं रहने से पूरा इलाका परेशान है।

ग्रामसभा में पहुंचे कांग्रेस सहकारिता विभाग के नईमुद्दीन खां ने कहा कि वे ग्रामीणों के इस मांग का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अपने पार्टी के मंत्रियों से बात करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के चार मंत्रियों से बिरबांकी आने को लेकर बातचीत चल रही है। मो खां ने भरोसा जताया कि वे इस समस्या के सामधान के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

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